स्कैबीज की चपेट में आ रहे बच्चे, ओपीडी में बढ़ी भीड़
हापुड़। जिले में बच्चों को स्कैबीज ने जकड़ लिया है, पूरा शरीर खुजलीदार दानों से भर जाने के कारण बच्चों का बुरा हाल है। शरीर में झुंझलाहट भी सोने नहीं दे रही है, एक से दूसरे में बीमारी तेजी से फैल रही है। बच्चों के साथ-साथ अभिभावक भी इस बीमारी से परेशान हैं। बाल रोग विशेषज्ञों की ओपीडी भीड़ बढ़ रही हैं। वहीं, सरकारी अस्पताल चर्म रोग संबंधी दवाओं की कमी से भी जूझ रहे हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. समरेंद्र राय ने बताया कि फंगस इंफेक्शन हर महीने मरीजों को परेशान करता है, जिसका इलाज सामान्य दवाओं से ही हो जाता है। लेकिन स्कैबीज बेहद तेजी से फैलने वाली बीमारी है, एक से दूसरे मरीज के संपर्क में आने, कपड़े संपर्क में आने से ही यह बीमारी फैलनी शुरू हो जाती है। खासकर बच्चे इन दिनों इस बीमारी से ज्यादा पीड़ित हैं। कई बच्चे ऐसे आए हैं जिनका पूरा शरीर दानों से भरा है, बदलते मौसम में स्कैबीज के साथ ही एग्जिमा, सोराइसिस भी तेजी से फैल रही हैं।
त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अमरजीत सिंह ने बताया कि ओपीडी में आने वाले मरीजों में एलर्जी, घमौरी, रेड रैशेज, लाल रंग के छोटे-छोटे दाने, त्वचा में खुजली होना, पिगमेंटेशन, सनबर्न आदि समस्याएं देखने को मिल रही हैं। मरीज बिना परामर्श के गलत लोशन, दवाएं ले रहे हैं जिससे बीमारी गंभीर हो रही है। जिन मरीजों की त्वचा संवेदनशील हैं उन्हें केमिकल युक्त उत्पादों के प्रयोग से बचना चाहिए।
सरकारी अस्पतालों में दवाओं की कमी
स्कैबीज एग्जिमा, सोराइसिस, फंगस तेजी से फैल रहे हैं। सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में रोजाना सैकड़ों मरीज पहुंच रहे हैं। लेकिन इनके इलाज के लिए न तो बीबी लोशन हैं और न ही इस रोग में दी जाने वाली महत्वपूर्ण दवाएं हैं। कुछ दवाएं हैं लेकिन इनसे मरीजों को जल्दी राहत नहीं मिलती है।
इन मोहल्लों में असर अधिक
किला कोना, नूर बफान, मजीदपुरा, आवास विकास, मोती कॉलोनी, नवाजीपुरा, तगासराय, फूलगढ़ी, इंद्रगढ़ी, काली मस्जिद, पीर बाउद्दीन, रफीकनगर, त्रिलोकीपुरम, ईदगाह रोग, सिकंदरगेट, कोटला मेवतियान, कोटला सादात, निवाजीपुरा।
स्किन एलर्जी होने पर क्या करें
* दाने और चकत्तों से खून रिसने पर कराएं ब्लड की जांच।
* दानों में पस पड़ने पर कराएं इंफेक्शन की जांच।
* शरीर से गंदगी, पसीना साफ करने से बैक्टीरिया हटेगा, पाउडर का इस्तेमाल करें।
* केमिकल युक्त सौंदर्य प्रसाधन के उत्पाद लगाने से बचें।
* कपड़े धोकर पहनें, प्रेस कराएं और धूप में सुखाएं।
* संक्रमित मरीज के संपर्क में जाने से बचें।
(नोट : यह जानकारी त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अमरजीत सिंह ने दी।)