बिजली चोरी में फर्जी नोटिस देकर 50 करोड़ का किया घोटाला
हापुड़। बिजली चोरी के मामले में ऊर्जा निगम के डिवीजन कार्यालयों से उपभोक्ताओं को जारी फर्जी राजस्व निर्धारण के सरकारी नोटिसों में 50 करोड़ के फर्जीवाड़े की आशंका है। विजिलेंस ने 28 ऐसे नोटिस और जब्त कर लिए हैं, जबकि 70 से अधिक नोटिस डिवीजन कार्यालयों में ही फाइलों में दबे बताए गए हैं। छह महीने पूर्व जारी नोटिस भी बाबूओं की मेज पर धूल फांक रहे हैं, इसके पीछे कर्मचारियों की गलत मंशा सामने आ रही है। मामला निगम के चेयरमैन तक पहुंचा गया है, शासन से गठित टीम हापुड़ में सर्वे के लिए पहुंच सकती है।
बिजली चोरी के मामलों में पोर्टल पर जुर्माना अवर अभियंता और डिवीजन स्तर से अपलोड किया जाता है। विजिलेंस भी पोर्टल पर डाटा अपलोड कराती है। इस पटल पर काम करने वाले ही नोटिस जारी कर, राजस्व वसूली पर नजर रखते हैं। इस पटल पर सरकारी अधिकारियों के साथ साथ उनके संरक्षण में पल रहे संविदा और कुछ वाह्य लोग भी बिना रिकॉर्ड में आए ही काम करते हैं।
बरहाल हापुड़ जिले में एफआईआर की कार्रवाई के बाद प्रपत्र-4 के माध्यम से जारी होने वाले सरकारी नोटिसों पर सालों से फर्जीवाड़ा चलता आ रहा है। इन नोटिसों की छपी किताबों का कोई रिकॉर्ड नहीं होता, जिसके चलते अधिकारी जब चाहें गलत नोटिस जारी कर देते हैं और सांठगांठ होते ही उसे फाड़कर दूसरा नोटिस तैयार कर देते हैं।
विजिलेंस की जांच में 28 और ऐसे नोटिस सामने आए हैं, जिनमें फर्जीवाड़ा किया गया है। वहीं, 70 से अधिक नोटिस कार्यालयों में ही डंप मिले हैं, सैकड़ों नोटिस ऐसे मिले हैं जो करीब छह महीने से कार्यालयों में ही अटके हैं, तीन महीने से अटके नोटिसों की संख्या सैकड़ों में हैं। जबकि प्राविधान यह है कि नोटिस कार्रवाई के 15 दिन के अंदर उपभोक्ता को प्राप्त हो जाना चाहिए। इसके पीछे की विजिलेंस ने वजह का पता किया तो इसमें फर्जीवाड़ा ही सामने आया। उपभोक्ताओं को डराने, उनसे वसूली के लिए ही ऐसा किया जाता है। बहरहाल, निगम के एक उच्चाधिकारी ने मामला चेयरमैन तक पहुंचा दिया है।
स्थानीय तौर पर मामला शांत है, कोई स्पेशल टीम भी गठित नहीं हुई है। चर्चा है कि सीधे शासन से ही टीम का गठन कर, यहां सर्वे कराया जाएगा। इसमें तीनों डिवीजन के जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी रडार पर हैं। विजिलेंस के सूत्रों की मानें तो तीनों डिवीजनों में इस तरह के नोटिसों पर करीब 50 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा किया गया है। एक डिवीजन में महज 20 हजार के जुर्माने पर संबंधित पटल ने तीन लाख की रिकवरी का नोटिस भी जारी किया है, यह नोटिस विजिलेंस की पकड़ में आ गया है।
विजिलेंस द्वारा पकड़े गए नोटिस
सालाबाद निवासी किरणपाल को 319110, सेहल निवासी सोमपाल को 82150, बड्ढा निवासी सुनील को 85456 रुपये, ढाहना निवासी सुनील कुमार को 53755, भोवापुर निवासी सेंसरपाल को 79456, भोवापुर निवासी राम सिंह को 75124, सलारपुर निवासी अवनीश को 166188, सलारपुर निवासी यशवीर को 137121, सलारपुर निवासी शुभम को 92895, सलारपुर निवासी अमित चौहान को 62312, डेहरा रामपुर निवासी नन्हें सिंह को 152688, डेहरा रामपुर निवासी फिरोज को 126233, कटीरा निवासी राजकुमार को 71450, कटीरा निवासी जयचंद को 81874, कटीरा निवासी विजयपाल को 91380, कटीरा निवासी फकीरा को 96890, चादनेर निवासी बाबूराम को 155925, भीकनपुर निवासी साजिद को 91104, भीकनपुर निवासी आमिर को 141667, अब्दुल्लापुर निवासी धर्मवीर को 82710, अब्दुल्लापुर निवासी टेकचंद को 107911 रुपये, नयाबांस निवासी बादल को 110626, बगौली निवासी आनंद कुमार को 108881, सैना निवासी आकिल अली को 130371, सैना निवासी दिलशाद को 102676, खागौई निवासी शोकीन को 146626 रुपये का नोटिस जारी किया गया है।
ऊर्जा निगम में प्रमुख भ्रष्टाचार के मामले
* नलकूप बिलों में गड़बड़ी कर, करीब 600 करोड़ का घोटाला, 20 सालों से सिर्फ जांच जारी।
* गढ़ डिवीजन में फर्जी रसीदों से 60 लाख का घोटाला, मामले में एफआईआर दर्ज हुई।
* उबारपुर बिजलीघर के अवर अभियंता ने पैसे लेकर हाईटेंशन लाइन शिफ्ट की, लाखों का खेल, जेई का सिर्फ तबादला हुआ।
* बाबूगढ़ में भारतीय रक्षा प्रणाली से एस्टीमेट का करीब 22 लाख रुपये ज्यादा जमा कराया, मामले में जांच जारी।
* हापुड़ में मीटर से छेड़छाड़ कर गलत वसूली के मामले में तत्कालीन एसई, एक्सईएन, एसडीओ, जेई के तबादले।
* मीटर में लाखों की रीडिंग स्टोर के मामले में एफआईआर।
* दो बिजलीघरों को जोडने वाली लाइन गलत तरीके से शिफ्ट, जांच जारी।
तीनों डिवीजन से मंगाई है रिपोर्ट
प्रपत्र-4 में घपलेबाजी का मामला संज्ञान में आ गया है, तीनों डिवीजन से रिपोर्ट तलब की जा रही है। इस मामले में दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई होगी। भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- यूके सिंह, अधीक्षण अभियंता।