छात्र की हत्या में दोषी को दस वर्ष के कारावास की सजा
हापुड़। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने छात्र की हत्या के मामले में एक आरोपी को दोषी करार देते हुए दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दो लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता कृष्णकांत गुप्ता ने बताया कि दस सिंतबर 2014 को छाया शुक्ला ने पिलखुवा कोतवाली में एक रिपोर्ट दर्ज कराई। जिसमें कहा कि वैशाली कॉलोनी थाना इंदिरापुरम जनपद गाजियाबाद निवासी विशाल उसका भाई था, जो मोनाड यूनिवर्सिटी में स्नातक का छात्र था। उसके भाई विशाल की किसी बात को लेकर कालेज में गौरव तोमर व उसके दोस्तों से कहासुनी हो गई, जिस पर दोनों ने विशाल को जान से मारने की धमकी दी। विशाल अपने मित्र मनीष के साथ बाइक पर सवार होकर कॉलेज से घर जा रहा था। जब वह नेशनल हाईवे पर रामा अस्पताल के पास पहुंचा तो गौरव व उसके दोस्तों ने रोक लिया और उसकी पिटाई की। जमीन पर गिरने पर गौरव व उसके साथियों ने विशाल के उपर कई बार बाइक चढ़ाई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई और मनीष गंभीर रुप से घायल हो गया। पुलिस ने मामले के आरोप पत्र न्यायालय में पेश किए। जिसके बाद से मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट में चल रही थी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद सोमवार को न्यायाधीश रविंद्र कुमार ने मामले में निर्णय सुनाया। जिसमें दोषी गौरव तोमर को दस वर्ष के कारावास व दो लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायाधीश ने अर्थदंड में से 75 प्रतिशत धनराशि मृतक के परिजनों को देने के भी आदेश किए है। उन्होंने बताया कि मामले का एक अन्य आरोपी के नाबालिग होने के कारण उसका मुकदमा किशोर न्याय बोर्ड को भेज दिया गया है।