पति व सास पर हत्या का दोष सिद्ध, पांच दिसंबर को सुनाई जाएगी सजा
हापुड़ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय प्रथम ने विवाहिता की हत्या के मामले में आरोपी पति व सास पर हत्या का दोष सिद्ध किया है। लेकिन दोनों ही दोषी न्यायालय में उपस्थित नहीं थे, जिसके कारण दोनों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुए हैं।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मुकेश कुमार त्यागी ने बताया कि सतवीर ने 20 अप्रैल 2018 को थाना बाबूगढ़ में दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। जिसमें कहा कि उसने अपनी पुत्री हिमानी की शादी गांव शेखपुर थाना बाबूगढ़ निवासी अश्वनी के साथ की थी। लेकिन शादी के बाद से ही सुसराल पक्ष के लोग उसकी पुत्री के साथ आए दिन मारपीट करते रहते थे, जिसके कारण सुसराल पक्ष के लोगों ने उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मृतका के पति अश्वनी, देवर निशांत, सास बबीता, ननद स्वीटी और डोली के खिलाफ दहेज हत्या सहित विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली। मामले की विवेचना में पुलिस को देवर निशांत तथा ननद स्वीटी और डोली की नामजदगी गलत पाई गई। जिस पर पुलिस ने इनके नाम निकाल दिए और पति व सास के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किए। मृतका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शव पर चोट के निशान पाए गए और विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट में उसके पेट में जहर पाया गया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद सोमवार को न्यायाधीश राखी चौहान ने मृतका के पति अश्वनी व सास बबीता को दहेज हत्या से दोष मुक्त कर दिया। लेकिन दोनों को हत्या का दोषी करार दिया। दोनों ही दोषी न्यायालय में उपस्थित नहीं थे। जिस पर न्यायालय ने दोनों दोषियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करते हुए निर्णय के लिए आगामी पांच दिसंबर की तिथि नियत की है।