लाल मिर्च में मिट्टी और धनिये में मिला बुरादा, 9.30 लाख का लगा जुर्माना
हापुड़। खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन का शिकंजा कसता जा रहा है। इस वर्ष खाद्य सुरक्षा व औषधि विभाग द्वारा लिए गए नमूनों में से 40 फीसदी फेल हुए हैं। ऐसे मामलों में एडीएम श्रद्धा शांडिल्यायन की कोर्ट ने 12 लोगों पर 9.30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इनमें सरसों का तेल में पॉम ऑयल, मिर्च में लाल मिट्टी वहीं धनिये में बुरादा मिला है।
मिलावट खोरों पर लगाम लगाने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने जिलेभर में करीब 150 नमूने लिए थे। इन्हें संग्रहित कर लैब भेजा गया। लैब के उनकी जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई तो सब हैरान रह गए। जांच रिपोर्ट में करीब 90 नमूने फेल पाए गए थे। इनमें से सबसे अधिक 50 नमूने अनुमानक मिले। जबकि 23 नमूने असुरक्षित पाए गए।
इन पर लगाया जुर्माना --
धौलाना के मैसर्स हैंडसऑन ट्रेड प्राइवेड लिमिटेड से सरसों के दो नमूने लिए गए थे। जिनमें एक मिथ्या पाया गया, जिस पर तीन लाख, व एक अधोमानक पाया गया, उस पर चार लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। गांव रामपुर निवासी सौरभ त्यागी के यहां से पनीर का नमूना लिया गया था, नमूना फेल होने पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। गालंद निवासी मुकेश तोमर के यहां से रसगुल्ले के नमूने पर आठ हजार रुपये, पिलखुवा के सिंघल जनरल स्टोर पर साबूदाने का नमूना फेल होने पर आठ हजार रुपये, गांव सिकंदरपुर निवासी स्वरूप सिंह की लौकी की बर्फी फेल होने पर 15 हजार रुपये जुर्माना, देहरा कुटी में मोहन कुमार का पिज्जा का नमूना व दिनेश कुमार पट्टी हुलासराय से बूंदी के लड्डू का नमूना लिया गया था। दोनों पर आठ-आठ हजार का जुर्माना लगा है। किशन गंज स्थित कैलाश फ्लोर मिल से आटे का नमूना लिया गया था, यहां 40 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। गांव नान में दिनेश शर्मा के यहां से दूध का नमूना लिया गया, इस पर आठ हजार का जुर्माना लगाया गया। धौलाना में अंसारी मोहल्ला निवासी तस्लीम पर लाल मिर्च पाउडर का नमूना फेल होने पर आठ हजार का जुर्माना लगाया गया। पिलखुवा स्थित शोभित गोयल डिपार्टमेंट स्टोर से कूट्टू के आटे का नमूना फेल होने पर 20 हजार का जुर्माना, बाला जी स्टोर पिलखुवा की अरहर की दाल का नमूना फेल होने पर 15 हजार का जुर्माना लगाया गया।
असुरक्षित नमूनों में मिले खतरनाक रंग
जो नमूने असुरक्षित पाए गए हैं उनमें सरसों का तेल, पनीर, दूध, तेल, मिर्च, हल्दी और मिठाइयां शामिल हैं। सरसों के तेल में पॉम आयल, दूध में पानी, दाल में पॉॅलिश, लाल मिर्च में गेरू और लाल मिट्टी पाई गई और धनिये में बुरादा पाया गया।
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आजीवन कारावास की सकती है सजा
फेल होने पर अगर इसकी रिपोर्ट में असुरक्षित लिखा आता है तो यह मामला सीधे न्यायालय में चलता है। इसमें जुर्माने के साथ-साथ उम्र कैद तक की सजा का प्रावधान है। वहीं अमानक में 5 लाख का जुर्माना और मिथ्याछाप में 3 लाख का जुर्माने का प्रावधान कानून में हैं। इनकी सुनवाई एडीएम कोर्ट में होती है। एडीएम कोर्ट में फिलहाल 60 और ऐसे मामले में लंबित हैं, जिन पर जल्दी ही जुर्माना हो सकता है।
होती है गंभीर बीमारी
फिजीशियन डॉ. पराग शर्मा ने बताया कि लंबे समय तक मिलावटी सामग्री खाने से कई तरह की समस्याएं पैदा हो जाती हैं। सिंथेटिक और केमिकल रंग के सेवन से आंत्रशोध, अल्सर, त्वचा रोग बढने का खतरा बढ़ जाता है। इससे किडनी और लीवर को भी नुकसान पहुंचाता है।
कोट-
अपर आयुक्त खाद्य महेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि जिन विक्रेताओं पर जुर्माना लगाया गया है, उनसे अब वसूली की जाएगी। तय समय पर वह अर्थदंड जमा नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ आरसी जारी की जाएगी। साथ ही कार्रवाई करते हुए उनका लाइसेंस भी निरस्त किया जाएगा।