पांच साल के बच्चे से कुकर्म मामले में दोषी को आजीवन कारावास की सजा
हापुड़। अपर जिला जज/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट ने पांच वर्षीय बच्चे से कुकर्म के मामले में निर्णय सुनाया। जिसमें कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई, साथ ही 35 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
विशेष अभियोजक अधिकारी हरेंद्र त्यागी ने बताया कि पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत निवासी एक व्यक्ति ने 24 दिसंबर 2020 को एक तहरीर दी। जिसमें उसने कहा कि उसका पांच वर्षीय पुत्र घर के बाहर खेल रहा था, तभी मोहल्ला सदीकपुरा थाना पिलखुवा निवासी चांद पुत्र जान मोहम्मद उसके पुत्र को बहलाफुसला कर अपने साथ ले गया। आरोपी ने उसके पुत्र के साथ कुकर्म किया। पुलिस ने पीड़ित के नाबालिग होने के कारण पॉक्सो सहित कुकर्म व अन्य विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। जिसके बाद पुलिस ने मुकदमे के आरोप पत्र न्यायालय में पेश किए। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट में चल रही थी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश श्वेता दीक्षित ने मामले में शुक्रवार को निर्णय सुनाया। जिसमें न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। न्यायाधीश ने अपने आदेश में स्पष्ट रुप से कहा है कि आजीवन कारावास का अभिप्राय दोषी के शेष प्राकृत जीवनकाल के लिए कारावास होगा। साथ ही न्यायाधीश ने दोषी पर 35 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड की 80 प्रतिशत धनराशि पीड़ित बच्चे के पिता को देने के भी आदेश किए। साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को आदेश किए हैं कि वह पीड़ित के पिता को दो लाख रुपए की प्रतिपूर्ति धनराशि दे। यदि प्राधिकरण के पास फंड न हो तो जिलाधिकारी राज्य सरकार से उक्त धनराशि को प्राप्त कर पीड़ित के पिता को एक माह के अंदर दे।