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हरा-भरा होगा हाईवे, 15 हजार लगेंगे पौधे

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हरा-भरा दिखेगा मेरठ-बुलंदशहर हाईवे, 15 हजार लगेंगे पौधे
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हापुड़। एनसीआर में प्रदूषण की बढ़ती स्थिति को देखते हुए एनएचएआई और वन विभाग ने पहली बार एक विशेष अनुबंध किया है। वन विभाग मेरठ-बुलंदशहर हाईवे एनएच 334 के किनारे स्थित 10 हेक्टेयर भूमि में ग्रीन बेल्ट विकसित करेगा। इसके लिए पहले चरण में 15 हजार पौधे तीन श्रेणियों में लगाए जाएंगे। अनुबंध के बाद वन विभाग ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। दूसरे चरण में दिल्ली-मुरादाबाद रेलवे लाइन के किनारे की 60 हेक्टेयर भूमि में पौधरोपण के अनुबंध की तैयारी चल रही हैं।
पिछले कुछ सालों में दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में सड़कों का जाल बिछा है। इसके लिए हजारों पौधों की बली देनी पड़ी। जहां इन हाईवे ने लोगों को यातायात सुगम बनाया, वहीं इसकी कीमत भी लोगों को चुकानी पड़ी। पेड़ कटने और वाहनों की संख्या बढ़ने से प्रदूषण के हालात भी गंभीर हुए हैं। ऐसे में वन विभाग और एनएचएआई ने इन हाईवे के किनारे ग्रीन बेल्ट विकसित करने का फैसला लिया है।
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दो साल पहले हुआ था हाईवे 334 का निर्माण
मेरठ से बुलंदशहर तक 64 किमी लंबे एनएच 334 का निर्माण दो साल पहले हुआ था। इसके लिए करीब 15 हजार पौधों को काटना पड़ा था। सबसे अधिक पेड़ हापुड़ और बुलंदशहर के बीच काटे गए थे। कुल मिलाकर 886 करोड़ की लागत से बने इस हाईवे किनारे फिलहाल पेड़ों की बेहद कमी है। ऐसे में इसी हाईवे के लिए सबसे पहले अनुबंधित किया गया है।
तीन श्रेणियों में रौपे जाएंगे पौधे
डीएफओ मेरठ व अतिरिक्त प्रभार हापुड़ राजेश कुमार ने बताया कि एनएचएआई और विभाग के बीच यह अपनी तरह का पहला अनुबंध है। इसमें मेरठ बुलंदशहर हाईवे पर एनएचएआई की करीब 10 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध है। इस पर तीन श्रेणियों यानि छोटी बड़ी श्रेणी के पौधों का रोपण किया जाएगा। इस पर आने वाली लागत को दोनों विभाग वहन करेंगे। अनुबंध के बाद वन विभाग ने पौधे लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। पौधरोपण के बाद इनकी देखरेख की जिम्मेदारी भी दोनों विभागों की ही होगी। पहली श्रेणी में छोटे पौधे जैसे फुलवाड़ी आदि के पौधे होंगे, दूसरी श्रेणी में फलदार पौधे और तीसरी श्रेणी में छायादार बड़े पौधे होंगे। वन विभाग पौधे लगाने से पहले एनएचएआई की भूमि पर मिट्टी की जांच करेगा और मिट्टी की उपलब्धता के आधार पर पौधों को लगाया जाएगा।
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दूसरे चरण में रेलवे की भूमि में लगेंगे पौधे -
डीएफओ राजेश कुमार ने बताया कि फिलहाल हाईवे के बाद रेलवे की भूमि में भी पौधों को रोपित किए जाने की योजना है। दिल्ली मुरादाबाद रेलवे लाइन के किनारे की 60 हेक्टेयर भूमि में पौधे रोपने के लिए डीआरएम मुरादाबाद से वार्ता की जा रही है। जल्द ही अनुबंध फाइनल हो जाएगा।
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