प्रदूषण का फिर बढ़ा स्तर. 181 पहुंचा एक्यूआई
हापुड़। प्रदूषण का स्तर मंगलवार से एक बार फिर से बढ़ने लगा है। सोमवार के मुकाबले मंगलवार को एक्यूआई का सूचकांक 56 अंक बढ़ गया। जागरूकता के अभाव में फिर से बढ़ रहे प्रदूषण से आने वाले दिनों में परेशानी बढ़ सकती है। तेज हवाओं के चलने से पिछले तीन दिनों से प्रदूषण का स्तर कम हो रहा था। जिससे लोगों को काफी राहत मिली थी। वहीं, दूसरी ओर सुबह के समय कोहरा छाया रहा।
मौसम के जानकारों की मानें तो तेज हवा चलने के कारण पिछले तीन दिन प्रदूषण के स्तर में गिरावट आई थी। अब हवा का प्रवाह कम हो गया है जिसके कारण मंगलवार को प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा है। सोमवार को जिले का एक्यूआई का सूचकांक 125 दर्ज किया गया था। जबकि मंगलवार को यह 56 अंक बढ़कर 181 पर पहुंच गया। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अतुल आनंद ने बताया कि प्रदूषण के कारण लोगों के आंखों में पानी आने व जलन की शिकायत होती है। इसलिए सभी को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
वहीं, सुबह के समय वातावरण में कोहरा छाया रहा। जिसके कारण सड़कों पर वाहनों और ट्रेनों की रफ्तार में ब्रेक लग गए। हाईवे पर वाहन रैंगकर चलते दिखाई दिए। वाहन चालकों ने हेड लाइट जलाकर रखी। यह स्थिति सुबह करीब नौ बजे तक देखने को मिली
ये बरतें सावधानियां
सुबह-शाम टहलने से बचें। घर से बाहर निकलें तो मुंह पर रुमाल या मास्क लगा लें। पेय पदार्थ ज्यादा लें। गर्म पानी का प्रयोग करें। खांसी, गले और छाती में संक्त्रमण होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। जिन लोगों को अस्थमा है उनके लिए यह काफी खतरनाक है। ऐसे में खिड़कियां या दरवाजे बंद रखें। हरी सब्जियों व पौष्टिक आहार का सेवन करें, धूम्रपान नहीं करें। बाहर से आने के बाद गुनगुने पानी से मुंह, आंखें और नाक साफ करें।
मरीजों की बढ़ जाती है परेशानियां
प्रदूषण बढ़ने से सांस, एलर्जी के मरीजों को परेशानियां बढ़ जाती हैं। टीबी के मरीजों पर भी इस मौसम का खास असर पड़ता है। ऐसे में सांस के मरीज व छोटे बच्चों को बाहर निकलने से बचना चाहिए। घर से बाहर निकलें तो मास्क अवश्य पहनें। आंखों से पानी आने, जलन होने या सांस लेने में परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सक से सलाह लें। - डॉ. प्रदीप मित्तल, वरिष्ठ फिजीशियन