गुटबाजी में पढ़ाई का किया बंटाधार, बीएसए ने रोकी वेतन वृद्धि
हापुड़। शिवगढ़ी के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों को गुटबाजी और आपसी झगड़ा भारी पड़ गया है। बीएसए ने तीनों खंड शिक्षा अधिकारियों की रिपोर्ट का संज्ञान लेकर, पांच शिक्षिकाओं की वेतन वृद्धि पर रोक लगाने के साथ ही रिकवरी के आदेश दिए हैं वहीं दो शिक्षामित्रों को बर्खास्तगी की चेतावनी दी है। कंपोजिट ग्रांट से लेकर एमडीएम में भारी अनियमितता मिली है। शिक्षण कार्य की गुणवत्ता गिराने में भी इनकी संलिप्तता मिली है। प्रधानाध्यापिका को भी वरिष्ठता के आधार पर परिवर्तित किया गया है।
प्राथमिक विद्यालय शिवगढ़ी में वर्षों से जमी शिक्षिकाओं के बीच गुटबाजी इस कदर हावी हो गई कि शिक्षा का स्तर लगातार गिरता गया। 196 छात्र तीन महीने तक एक भी दिन विद्यालय नहीं गए, इनमें किसी शिक्षक ने एक बार भी उन्हें विद्यालय बुलाने का प्रयास नहीं किया। सिर्फ एक दूसरी को कैसे परेशान किया जाए इसी में लगी रहीं। बीते दिनों दो गुटों में बंटी शिक्षिकाएं आपस में भिड़ भी गई थी, मारपीट की वीडियो भी वायरल हुआ था।
तीनों खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा सौंपी जांच रिपोर्ट में अनियमितताओं की पुष्टि हुई है। जुलाई 2022 में ही इन शिक्षिकाओं ने वेतनवृद्धि प्राप्त की है, इसकी रिकवरी के आदेश बीएसए ने किए हैं। साथ ही वेतनवृद्धि पर भी रोक लगा दी गई है। वहीं, प्रधानाध्यापिका आसमीन बानो को प्रधानाध्यापक पद से हटा दिया गया है, वरिष्ठता सूची के आधार पर उनके स्थान पर आशा को प्रधानाध्यापक का पदभार सौंपा गया है।
जांच में मिली हैं ये अनियमितताएं
बीएसए को सौंपी गई जांच रिपोर्ट के अनुसार इंचार्ज प्रधानाध्यापिका आसमीन बानो ने वर्ष 2021-22 में खेलकूद सामग्री क्रय नहीं की। 293 बच्चों में से जांच के दौरान सिर्फ 30 पर ड्रेस मिली। मध्याहन भोजन मेन्यू के अनुसार वितरित नहीं किया गया। सहायक अध्यापिका कविता शर्मा, पारूल वर्मा, डोली अग्रवाल, मधु, आशा, शिक्षामित्र कविता देवी, बबली द्वारा आपस में झगड़ा करना पाया गया, साथ ही शिक्षिका पारूल, डोली, कविता द्वारा विद्यालय में गलत तरीके से वीडियो बनाकर वायरल करने का दोषी पाया गया। जांच में पुष्टि हुई कि शिक्षिकाएं विद्यालय में पढ़ाने के बजाए बैठकर बाते करती थी, छात्रों को खाना दिलाने में कोई सहयोग न कर खुद ही खाना खाने बैठ जाती थी। प्रधानाध्यापिका आसमीन बानो मिड-डे मील न बनवाकर सिर्फ ताहरी का वितरण कराती मिली, इसमें अनियमितता की पूरी संभावना व्यक्त की गई, जिसकी जांच भी खंड शिक्षा अधिकारी हापुड़ को सौंपी गई।
सख्त होगी कार्रवाई
खंड शिक्षा अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर शिक्षिका आसमीन बानो, कविता शर्मा, पारूल वर्मा, डोली अग्रवाल, मधु, आशा की वेतन वृद्धि पर रोक लगाई गई है। जुलाई 2022 में शिक्षिकाएं वेतनवृद्धि ले चुकी हैं, इसकी रिकवरी के आदेश दिए हैं। शिक्षामित्र कविता देवी, बबली को अंतिम चेतावनी जारी की है, उनकी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ तो बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी।--अर्चना गुप्ता, बीएसए।