मियाद पूरी कर चुके वाहनों को मिला तीन महीने का समय
हापुड़। जिले की हवा को प्रदूषित कर रहे करीब 30 हजार पुराने वाहनों पर कार्रवाई की तैयारी के बीच परिवहन विभाग ने तीन माह का मौका दिया है। इसके बाद वाहनों के पंजीयन निलंबित कर दिए जाएंगे।
शासन के आदेशों के बाद 15 साल पुराने पेट्रोल और दस साल पुराने डीजल वाहन को एनसीआर क्षेत्र से हटाने के निर्देश दिए गए हैं। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल न्यायालय (एनजीटी) के आदेशानुसार पुराने वाहन हवा को दूषित अधिक करते हैं। हापुड़ जिले के एनसीआर क्षेत्र में शामिल होने के कारण यहां भी ऐसे वाहनों को सड़क से हटाने के आदेश हैं।
जिले में 25846 ऐसे पेट्रोल वाहनों की लिस्ट तैयार कर ली गई है, जो 15 वर्ष के हो चुके हैं। जबकि चार हजार डीजल वाहन हैं, जो दस वर्ष पुराने हो चुके हैं। विभाग द्वारा इन वाहनों के नंबर सहित सूची तैयार कर ली गई है। इन वाहनों का अन्य 34 जनपदों में दोबारा पंजीयन कराकर अन्य जनपदों के लिए अनापत्ति प्रमाण-पत्र ले जाने अथवा पंजीयन निरस्त कराए जाने हेतु प्रार्थना पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया है। जिसके बाद इन्हें सड़कों से हटाने की तैयारी थी। लेकिन विभाग ने इन्हें तीन माह का मौका दिया है, ताकि इस अवधि में वाहन स्वामी अपने वाहनों का पंजीयन दूसरे जनपदों में करा लें। हालांकि अभी तक मात्र 164 वाहन स्वामियों ने ही एनओसी ली है।
कोट-
एनजीटी के आदेशों के बाद ऐसे वाहनों को सड़क से हटाने की तैयारी थी। लेकिन शासन के आदेश के बाद इन्हें तीन माह का और समय दिया गया है। ऐसे वाहन स्वामी यहां से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेकर बाकी एनसीआर क्षेत्र के बाहर के 34 जिलों में पंजीकरण करा सकते हैं। - अजीत श्रीवास्तव, एआरटीओ, प्रशासन।