किसानों से जुड़ी गतिविधियों में लूंगा भाग, चुनाव लड़ने का इरादा नहीं - सतपाल मलिक
हापुड़। मेघालय के राज्यपाल सतपाल मलिक ने कहा कि उनका प्रदेश में किसी पार्टी से चुनाव लड़ने का न तो कोई इरादा है और न ही किसी दल से जुड़ने जा रहा हूं। हां यह स्पष्ट है कि किसानों से जुड़ी हर गतिविधियों में भाग लूंगा। पदमुक्त होने के बाद जम्मू-कश्मीर पर किताब लिखूंगा।
सतपाल मलिक शनिवार दोपहर गांव उबारपुर में जिला पंचायत सदस्य के पति विकास चौधरी के आवास पर पहुंचे थे। सबसे पहले उन्हें पुलिस की ओर से गार्ड ऑफ आनर दिया गया। उन्होंने कहा कि विकास चौधरी का परिवार मेरा परिवार है। इस गांव से मेरा पुराना नाता रहा है, यहां मेरा बचपन बीता है। चुनाव लड़ने के सवाल पर सतपाल मलिक ने कहा कि मेघालय के राज्यपाल के पद का उनका कार्यकाल पूरा हो रहा है। भविष्य में किसी राजनीतिक दल में जाने की या किसी दल से चुनाव लड़ने की कोई योजना नहीं बनाई है।
उन्होंने कहा कि मैं राष्ट्रीय लोकदल से ही निकला हूं। मेरी जयंत चौधरी के परिवार से सहानुभूति है। पद से मुक्त होने के बाद जो मेरे हमदर्द हैं उनके लिए चुनाव में जाऊंगा। किसानों को संगठित करूंगा। जहां भी किसानों के मुद्दे के लिए लोग एकत्र होंगे, वहां जाऊंगा।
जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल के कार्यकाल पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि राज्य से 370 को प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री ने हटाया, लेकिन इसके लिए उन्होंने ही केंद्र को प्रस्ताव भेजा था। उस प्रस्ताव पर उनके ही हस्ताक्षर थे। उस समय महबूबा मुफ्ती और फारूख अब्दुल्ला की तरफ से कहा जाता था कि 370 हटने के बाद खून की नदियां बह जाएंगी, लेकिन मेरे कार्यकाल में 370 हटने के बाद एक गोली नहीं चली, पत्थरबाजी नहीं हुई। एक भी व्यक्ति की हत्या नहीं हुई। कश्मीर में कश्मीरी पंडितों को बसाने के प्रयासों पर कहा कि उनके लिए कॉलोनियों में क्वार्टर बनवाए, लेकिन उस समय लोग पहुंचने के लिए सहमत नहीं हुए, कश्मीर में डर का माहौल नहीं है। बार्डर के 10 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले सभी जाति के लोगों को आरक्षण दिया। जम्मू-कश्मीर में सरकारी जमीनों को नेताओं ने सस्ते दामों पर ले लिया था, जिस पर मैंने सीबीआई की जांच शुरू कराई थी। इसमें अब बड़े-बड़े नेता फंसने वाले हैं। इससे पहले बिहार में 35 साल से रुके हुए छात्र संघ के चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न कराए।
सतपाल मलिक ने बताया कि एक दिन केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का फोन आया। उनके पास पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंद्र सिंह बैठे हैं। अमरिंद्र सिंह ने बताया कि पंजाब और जम्मू कश्मीर के बीच 40 साल से पानी का एक समझौता लटका हुआ है। जिसे तीसरे दिन निपटा दिया। झगड़ा इस बात का था कि पानी पर कंट्रोल किसका होगा। जिसके लिए उन्होंने संयुक्त निगरानी की भागीदारी कर दी। उस समझौते के बाद से जम्मू, पंजाब, राजस्थान और हरियाणा में सिंचाई की जा रही है। अब वहां से पाकिस्तान को एक बूंद भी पानी नहीं जा रहा है।
इस मौके पर रालोद के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी, पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष शिवकुमार त्यागी, विकास चौधरी, रविंद्र प्रधान, अशोक त्यागी, आकिल खान, डा. एसपी सिंह, जगबीर चौधरी, कमल सिंह, अनुभव नरवाल, ब्रजराज सिंह, राजवीर प्रधान, रविंद्र प्रधान, इंद्रपाल, मनोज तेवतिया, विजेंदर, मुनेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
छात्र ने राज्यपाल को भेंट की पेंटिंग
उबारपुर निवासी अधिवक्ता सतीश कुमार के पत्र हर्षवर्धन ने राज्यपाल को उनका चित्र पेंटिंग बनाकर दिया। इस पर राज्यपाल सतपाल मलिक ने बच्चे को आशीर्वाद दिया और उज्जवल भविष्य की कामना की।
उबारपुर गांव में पत्रकारों से वार्ता करते राज्यपाल सतपाल मलिक। संवाद- फोटो : HAPUR
राज्यपाल सतपाल मलिक को पेंटिंग देते बच्चा । संवाद- फोटो : HAPUR