पत्नी के हत्यारे पति को उम्रकैद, देवर को 10 वर्ष की सजा
हापुड़। जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट ने दहेज हत्या के मामले में हत्यारे पति को आजीवन कारावास व देवर को दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। दोनों ही दोषियों पर दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता कृष्णकांत गुप्ता ने बताया कि बिसाहड़ा थाना जारचा जिला गौतमबुद्धनगर निवासी धर्मवीर सिंह ने पिलखुवा कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। जिसमें कहा कि उसने अपनी पुत्री पूजा का विवाह सात मार्च 2011 को ग्राम खेड़ा तिसौली थाना पिलखुवा निवासी रोशन सिंह के पुत्र रोबिन से किया था। लेकिन दहेज की मांग पूरी न होने पर सुसराल पक्ष के लोग उसकी पुत्री को विवाह के बाद से प्रताड़ित करते थे। जिसके चलते ही 22 मार्च 2014 को पति रोबिन, देवर विपिन, सास मंजू व ससुर रोशन सिंह ने मिलकर पूजा पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी। जिससे वह गंभीर रुप से झुलस गई और उपचार के दौरान दिल्ली के एक अस्पताल में दो अप्रैल 2014 को पूजा की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि पूजा ने मौत से पूर्व लेफ्टीनेंट गवर्नर दिल्ली के ओएसडी दीपक शिंदे को दिए गए बयान में स्पष्ट रुप से कहा था कि उसके पति व देवर ने मिलकर उस पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगाई थी। मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट में चल रही थी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश बृजेंद्र मणि त्रिपाठी ने मामले में शुक्रवार को निर्णय सुनाया। जिसमें न्यायाधीश ने आरोपी पति रोबिन व देवर विपिन को दोषी करार दिया। जिसमें पति रोबिन को आजीवन कारावास व देवर विपिन को दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों दोषियों पर दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। इसके अलावा सांस मंजू व ससुर रोशन सिंह को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।