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युवक की हत्या के दोषी को आजीवन कारावास की सजा

सार

युवक की हत्या के दोषी को आजीवन कारावास की सजा हापुड़।शंकरलाल अपनी पत्नी से राकेश के अवैध संबंध के शक में 31 जुलाई 2016 को उनके पुत्र को पीटने लगा।जिसमें दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश राखी चौहान ने आरोपी शंकरलाल को हत्या का दोषी करार दिया।
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युवक की हत्या के दोषी को आजीवन कारावास की सजा
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हापुड़। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीशी/त्वरित न्यायालय प्रथम कोर्ट ने हत्या के मामले में मंगलवार को निर्णय सुनाया। जिसमें कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा व दस हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
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अपर जिला शासकीय अधिवक्ता मुकेश कुमार त्यागी ने बताया कि गांव औरंगाबाद थाना गुलावठी जिला बुलंदशहर निवासी जसवंत सिंह ने थाना बदायूं में अपने पुत्र राकेश की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। जिसमें उसने कहा कि वह और उसका पुत्र राकेश अपने एक रिश्तेदार सुनील यादव निवासी गांव केथाला बुलंदशहर के साथ मिलकर बीएसएनएल बदायूं में मरम्मत का कार्य करते थे। जिसके चलते वह कचहरी रोड, गांधी नगर बदायूं में किराए एक मकान में रहते थे, यहां अन्य किराएदार भी रहते थे। कस्बा बनैया थाना मीरगंज जिला बरेली निवासी शंकरलाल पुत्र भूपलाल प्रजापति भी उक्त बिल्डिंग में किराए पर रहता था। शंकरलाल अपनी पत्नी से राकेश के अवैध संबंध के शक में 31 जुलाई 2016 को उनके पुत्र को पीटने लगा। उन्होंने अपने पुत्र को बचाने का काफी प्रयास किया। लेकिन शंकरलाल ने उनके पुत्र को मारकर पहली मंजिल की खिड़की से बाहर फेंक दिया। पुलिस ने बदायूं कोर्ट में 14 अक्तूबर 2016 मामले के आरोप पत्र दाखिल किए। लेकिन हाईकोर्ट के आदेश पर दो अप्रैल 2019 को बदायूं न्यायालय से स्थानांतरण कर सत्र न्यायालय हापुड़ को विचारण के लिए प्राप्त हुआ। जिसके बाद मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय प्रथम कोर्ट में चल रही थी। जिसमें दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश राखी चौहान ने आरोपी शंकरलाल को हत्या का दोषी करार दिया। जिसके लिए दोषी को आजीवन कारावास की सजा के साथ ही दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
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