फतेहपुर में फर्जी मीटर से घर में सप्लाई देने वाले गैंग का खुलासा
हापुड़। जिले में बिना रिकॉर्ड वाले मीटर से उपभोक्ताओं के घरों में सप्लाई दी जा रही है। बाबूगढ़ क्षेत्र के गांव फतेहपुर में इसका खुलासा हुआ है। निगम अधिकारियों ने मीटर को उखाड़कर जब्त कर लिया। कुछ ही देर बाद मीटर लगाने वाला दलाल अधिकारियों से सांठगांठ करने कुचेसर रोड चौपला बिजलीघर पहुंच गया। वहां, निगम कर्मियों ने उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। एसडीओ ने थाने में तहरीर दी है।
प्रदेश सरकार ने दो साल पहले सौभाग्य योजना शुरू की थी, इसका ठेका एलएंडटी कंपनी को दिया गया था। बड़ी संख्या में इस योजना में कनेक्शन दिए गए। लेकिन जिनके घरों से विद्युत लाइन की दूरी 50 मीटर से अधिक थी, उन्हें कनेक्शन नहीं दिए जा सके। ऐसे उपभोक्ताओं ने एस्टीमेट बनवाया तो वह हजारों में पहुंच गया।
इसी का फायदा उठाकर एक शातिर गैंग ने हापुड़ में पैर जमा लिए। इस तरह के उपभोक्ताओं को चिन्हित कर, उनके घर चंद रुपयों में ही मीटर लगा दिए गए। ये मीटर एलएंडटी कंपनी के थे। जबकि अधिकारियों का दावा है कि जिले में कहीं भी इस कंपनी के मीटर उपभोक्ताओं के घर नहीं लगाए गए थे। सोमवार को फतेहपुर गांव में चेकिंग के दौरान एक घर में ऐसा ही मीटर लगा मिला। जिसे निगम के अधिकारियों ने उखाड़कर जब्त कर लिया।
कुचेसर रोड चौपला स्थित बिजलीघर पर इसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही थी। इसी बीच मीटर लगाने वाले हापुड़ के ही एक गांव निवासी दलाल बिजलीघर पहुंच गया और अधिकारियों से सांठगांठ करने लगा। लेकिन निगम कर्मियों ने उसे वहीं पकड़ा लिया और बाबूगढ़ थाना ले आए। जहां एसडीओ प्रभव हरित ने थाने में तहरीर दी है।
प्रदेशभर में सक्रिय है गैंग
थाने में सख्ती से पूछताछ करने पर गैंग के सदस्य ने बताया कि वह तो सिर्फ मीटर लगाने का ही कार्य करता था, जबकि उसे मीटर उसका साथी मेरठ से उपलब्ध कराता है। इसी के आधार पर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
कनेक्शन नहीं खुला, खुद वसूलते थे पैसा
उपभोक्ताओं के यहां लगे मीटर की यूनिट से राजस्व सरकार को नहीं जाता था। बल्कि गैंग के सदस्य ही इसकी उगाही कर लेते थे। शातिर इतने थे कि उपभोक्ताओं को कोई बिल तक नहीं देते थे।
जिले में चलेगा अभियान
हापुड़ जिले के अंदर इस तरह के मीटर हजारों की संख्या में लगे होने की आशंका है। क्योंकि इनकी पहचान करना मुश्किल होता है। अब घर घर जाकर मीटर और सिलिंग आदि की जांच की जाएगी।
ई-संयोजन योजना भी फर्जीवाड़ों के कारण हुई थी बंद
सौभाग्य योजना के समय ई-संयोजन योजना लागू की गई थी। यह उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए थी, लेकिन इसमें भी सेंधमारी कर दी गई थी। जिसके चलते इस योजना को बंद करना पड़ा था।
कोट-
बिना रिकॉर्ड के मीटर से सप्लाई देने का मामला गंभीर है, इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए जिलेभर में अभियान चलाया जाएगा। जहां भी इस तरह के मीटर मिलेंगे, सख्त कार्रवाई की जाएगी।---यूके सिंह, अधीक्षण अभियंता।