महिला अस्पताल में 20 फुट ऊंचाई से वृद्धा के सिर पर कूदा बंदर
हापुड़। कोठीगेट स्थित राजकीय महिला चिकित्सालय में पेड़ के ऊपर बैठा बंदर करीब 20 फुट ऊंचाई से एक 85 साल की वृद्धा के सिर पर कूद गया। चक्कर खाकर बुजुर्ग महिला चबूतरे से नीचे गिरी और बेहोश हो गई। 15 मिनट तक वह अचेत रही, लोगों ने किसी तरह महिला को बैंच पर लिटाया। होश आने पर वह कराहती रही, कोई चिकित्सक उसे देखने नहीं आया। एक स्टाफ कर्मचारी ने दर्द निवारक दवा देकर पल्ला झाड़ लिया।
राजीव विहार निवासी 85 वर्षीय मुन्नी देवी बुधवार सुबह महिला अस्पताल आई थी। अस्पताल परिसर में पेड़ के नीचे बने चबूतरे पर मुन्नी देवी बैठ गई। इसी बीच बंदरों के एक झुंड में लड़ाई शुरू हो गई, पेड़ से एक भारी भरकम बंदर महिला के सिर पर कूद गया। बुजुर्ग महिला चिल्लाई और बेहोश होकर चबूतरे से नीचे गिर गई। गनीमत रही कि हैंडपंप से उनका सिर नहीं टकराया।
15 मिनट तक बुजुर्ग महिला बेहोश पड़ी रही, उपचार लेने आए मरीजों ने किसी तरह बुजुर्ग महिला को उठाकर एक बैंच पर लिटाया। लापरवाही का आलम यह रहा कि अस्पताल का कोई चिकित्सक बुजुर्ग महिला को देखने तक के लिए नहीं आया, दूर से ही उसे तड़पता देखते रहे। होश आने के बाद भी बुजुर्ग महिला कुछ बोल नहीं पा रही थी।
अस्पताल स्टाफ के एक कर्मचारी ने महिला को दर्द निवारक दवा दी, जिससे उसे कुछ राहत मिली। एक घंटे तक लेटे रहने के बाद बुजुर्ग महिला कराहते हुए ई रिक्शा से अपने घर लौट गई। अस्पताल में बंदरों का इतना आतंक है कि हाथ में दवा या खाने की चीजों का थैला देखते ही उस पर झपट पड़ते हैं। कई मरीजों को अब तक बंदर काटकर घायल भी कर चुके हैं।
कोट -
अस्पताल में बंदरों का जबरदस्त आतंक है, कई बार नगर पालिका को पत्र लिखकर बंदरों से राहत दिलाने की मांग की जा चुकी है। आए दिन मरीजों पर बंदर झपटते हैं, स्टाफ भी इनसे परेशान रहता है। - डॉ. योगेश गुप्ता, अस्पताल प्रभारी।