बच्चों को तेज बुखार, शरीर पर हो रहे लाल दाने और गले में छाले
हापुड़। जिले में छोटे बच्चों में बुखार का प्रकोप बढ़ गया है। बच्चे बुखार से तप रहे है। त्वचा पर लाल दाने और मुंह और गले के अंदर छाले पड़ने से रो-रोकर बुरा हाल है, खाना पीना भी त्याग रहे हैं। अस्पतालों की ओपीडी में रोजाना ऐसे 120 से 130 मरीज पहुंच रहे हैं, लक्षण के आधार पर ही संक्रमित बच्चों को दवा दी जा रही है।
सीएचसी के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. समरिंदर ने बताया कि हेंड फुट एंड माउथ डिजीज को ही टमेटो फ्लू नाम दिया गया है। इस बीमारी से पीड़ित बच्चों की संख्या दिनों दिन बढ़ रही है, बुखार से पीड़ित बच्चों में 30 से 40 फीसदी को यह बीमारी निकल रही है। बच्चे यदि खाना पीना जारी रखता है तो उसे स्वस्थ होने में 8 से 10 दिन का समय लग रहा है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. योगेश गोयल ने बताया कि हाथ, पैर और मुंह में दाने पड़ने के कारण ही इस बीमारी को हेंड फुट एंड माउथ डिजीज कहा जाता है। पिछले कुछ दिनों से इस बीमारी से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ी है। शरीर में दाने बेहद पीड़ा दायक होते हैं,ब च्चों को दर्द से राहत दिलाने के लिए दर्द निवारक गोली तक देनी पड़ती है। हालांकि लक्षण के आधार पर दवाएं देने से बच्चे स्वस्थ हो जाते हैं।
उन्होंने बताया कि ओपीडी में आने वाले दो फीसदी बच्चों को भर्ती करने की जरूरत पड़ रही है। ये ऐसे बच्चे हैं जो कुछ खाते नहीं हैं, शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इस बीमारी के दौरान साफ सफाई का रखना बेहद जरूरी होता है। स्कूलों के अंदर भी इस तरह के मामले आ रहे हैं, ऐसे में स्वास्थ्य विभाग अब स्कूलों के लिए भी एडवाइजरी जारी करेगा।
इन बातों का रखें ध्यान-
* संक्रमित बच्चे के पास दूसरे बच्चे को न जाने दें।
* खांसने और छींकने से भी यह बीमारी फैलती है, मास्क आदि का प्रयोग करें।
* वायरल बीमारी है, वायरस के जरिए हवा में भी फैल सकती है।
* संक्रमित बच्चे की साफ सफाई का ध्यान रखें।
कोट-
सीएचसी में उपचार के लिए आने वाले बच्चों को बेहतर उपचार दिलाया जा रहा है। बाल रोग विशेषज्ञों की टीम पूरी निगरानी कर रही है। इसके अलावा फील्ड में भी टीम लगातार नजर बनाए हुए हैं। चिकित्सकों को निर्देशित कर दिया गया है।--डॉ.सुनील कुमार, सीएमओ।