पिछला भुगतान हुआ नहीं, नए पेराई सत्र की शुरू हुई तैयारी
हापुड़। चीनी मिलों ने भले ही पुराना भुगतान नहीं किया हो लेकिन नए पेराई सत्र की तैयारी शुरू कर दी है। दो नवंबर को मिल चालू करने की संभावित तिथि रखी गई है। जबकि मिलों पर अभी भी 298 करोड़ रुपये बकाया है। गन्ना विभाग की समितियों द्वारा कच्चे कलेंडर किसानों को जारी कर दिए गए हैं। खामियों को दुरुस्त करने के लिए 19 सितंबर से सट्टा प्रदर्शन होगा, सात दिन तक इसमें त्रुटियों को दूर कराया जा सकेगा।
गन्ना विभाग के अनुसार जिले में इस वर्ष 41946.48 हेक्टेयर रकबे में गन्ने की फसल उगाई गई है। हालांकि इस वर्ष बीमारी के कारण 30 फीसदी तक फसल प्रभावित हुई है, जिसकी पुष्टि कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने भी की है। क्रेशर भी पेराई के लिए चालू हो गए हैं, नवरात्रों में इनका शुभारंभ हो जाएगा। इस बार गन्ने की फसल हल्की है, ऐसे में चीनी मिलों को लक्ष्य के अनुरूप गन्ना मिल जाए यह बड़ी चुनौती होगा।
हालांकि चीनी मिलों ने भी नए पेराई सत्र की तैयारी शुरू कर दी है, मिलों में मरम्मत का कार्य शुरू हो गया है। किसानों को पर्चियों की किल्लत न हो इसके लिए कच्चे कलेंडर बांटे जा चुके हैं। कलेंडर की त्रुटियों को दुरुस्त करने के लिए 19 सितंबर से सट्टा प्रदर्शन होगा। इसमें किसान सात दिन तक अपनी त्रुटियों को सही करा सकेंगे। नया सत्र शुरू होने में अब कुछ ही समय बाकी है, लेकिन चीनी मिलों ने बीते पेराई सत्र का पूरा भुगतान नहीं किया है। दोनों ही मिलों पर अभी भी 298 करोड़ रुपये बकाया चल रहे हैं।
जिले के चीनी मिलों पर बकाए की स्थिति
चीनी मिल देय अवशेष
सिंभावली 501.69 करोड़ 229 करोड़
बृजनाथपुर 193.56 करोड़ 69 करोड़
-जिले में गन्ने का रकबा-
कुल क्षेत्रफल--41946.448 करोड़
पौधा-------19238.93 करोड़
पेड़ी-------22707.518 करोड़
कोट-
चीनी मिलों ने दो नवंबर से चीनी मिलों को चालू करने की संभावित तिथि रखी है। किसानों को कच्चे कलेंडर जारी कर दिए गए हैं, जिनमें गलती है उन्हें सट्टा प्रदर्शन के दौरान सही कराया जा सकता है।--निधि गुप्ता, डीसीओ।