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:मेडिकल कॉलेजों ने नहीं दिया मरीजों का ब्योरा, 6.50 करोड़ का लिया भुगतान

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मेडिकल कॉलेजों ने नहीं दिया मरीजों का ब्योरा, 6.50 करोड़ का लिया भुगतान
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हापुड़। मेडिकल कॉलेजों ने आयुष्मान योजना में उपचार पाने वाले 5275 मरीजों का ब्योरा स्वास्थ्य विभाग को नहीं दिया है। नोडल अधिकारी के पत्र को भी दबा दिया गया, करीब 6.5 करोड़ के बिलों को बिना सत्यापन ही क्लेम भी करा लिया। वहीं सीएमओ के आदेश के बाद विभाग ने फर्जीवाड़े का संदेह जताते हुए मेडिकल कॉलेजों को रिमाइंडर भेजा है, जिसमें एक महीने में उपचार पाने वाले मरीजों का ब्योरा तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
आयुष्मान योजना के तहत जिले के 59234 परिवारों को शामिल किया गया था। इस योजना में पात्रों को पांच लाख रुपये तक निशुल्क उपचार मिलना है। पैनल में 9 निजी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के अस्पताल शामिल हैं, जो मरीजों को इस योजना के तहत उपचार दे रहे हैं। लेकिन जिन मरीजों के नाम से क्लेम लिया जा रहा है, वास्तव में उन्हें उपचार मिला भी है या नहीं इसका कोई सत्यापन नहीं हो पा रहा है।
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स्वास्थ्य विभाग के एसीएमओ/आयुष्मान के नोडल डॉ. केपी सिंह ने मेडिकल कॉलेजों को पत्र जारी कर उपचार पाने वाले मरीजों को ब्योरा मांगा था। लेकिन मेडिकल कॉलेजों की तरफ से किसी मरीज का ब्योरा दिया गया और न ही कोई जवाब भेजा गया। इसके बाद मौखिक तौर पर भी कई बार मेडिकल कॉलेजों को चेतावनी जारी की गई।
लगातार मरीजों का ब्योरा मांगने पर भी रिपोर्ट नहीं मिलने पर अब स्वास्थ्य विभाग ने फर्जीवाड़े की आशंका जताई है। रिमाइंडर भेजकर तत्काल ब्योरा मांगा गया है। बता दें कि अब तक 6.5 करोड़ से अधिक क्लेम लिया जा चुका है।
डाटा छुपा रहे मेडिकल कॉलेज
मेडिकल कॉलेजों में ही सबसे अधिक मरीजों को उपचार आयुष्मान योजना के तहत मिला है। रोजाना पांच से दस मरीजों को यहां भर्ती किया जाता है। लेकिन उनका पता और मोबाइल नंबर छिपा लिया जाता है। जिसके चलते स्वास्थ्य अधिकारी फीडबैक नहीं ले पाते हैं। चर्चा यह भी है कि बिना मरीज को उपचार दिए ही कागजों की खानापूर्ति की जा रही है।
आयुष्मान योजना के पैनल में शामिल अस्पताल-
आयुष्मान सिंभावली, दीप हॉस्पिटल, देव नंदिनी अस्पताल, जीएस मेडिकल, मधु नर्सिंग होम, प्रयाग हॉस्पिटल, रामा मेडिकल, सरस्वती मेडिकल, श्री सिद्धी विनायक हॉस्पिटल।
अस्पताल में उपचार पाने वाले मरीजों की स्थिति
अस्पताल उपचारित मरीज
दीप हॉस्पिटल 03
आयुष्मान सिंभावली 1320
देव नंदिनी अस्पताल 580
जीएस मेडिकल 1735
मधु हॉस्पिटल 738
प्रयाग हॉस्पिटल 03
रामा मेडिकल 3010
सरस्वती मेडिकल 530
श्री सिद्धी विनायक 05
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निजी अस्पतालों ने मिला 9.90 करोड़ का भुगतान
आयुष्मान योजना के तहत उपचार के दस्तावेज लगाकर निजी अस्पतालों ने 9.90 करोड़ रुपये का क्लेम किया है। इनमें मेडिकल क़ॉलेज का क्लेम साढ़े छह करोड़ के करीब है। जबकि सरकारी अस्पतालों में सिर्फ 74 मरीजों को उपचार दिया गया है, जिसका क्लेम सिर्फ 2.41 लाख है।
मेडिकल कॉलेजों को भेजा रिमाइंडर
मेडिकल कॉलेजों ने आयुष्मान योजना के तहत उपचार पाने वाले मरीजों का ब्योरा पत्र लिखने के बावजूद भी नहीं दिया है। ऐसे में फर्जीवाड़े की आशंका भी है, रिमाइंडर भेजा गया है। उपचारित मरीजों का ब्योरा नहीं दिया गया तो विभाग अपने स्तर से जांच शुरू करेगा।--डॉ.केपी सिंह, एसीएमओ, नोडल अधिकारी आयुष्मान।
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आयुष्मान योजना में पारदर्शिता जरूरी
आयुष्मान योजना के तहत उपचार प्रक्रिया में पूरी तरह पारदर्शिता बरती जाए। मरीजों का ब्योरा किसी हाल में न छुपाया जाए, मेडिकल कॉलेजों द्वारा ब्योरा उपलब्ध न कराने का मामला संज्ञान में आया है। इसमें लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होगी।--डॉ.सुनील कुमार, सीएमओ।
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