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40 साल के अधेड़ को पिता ने सौंप दी 16 साल की नाबालिग

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40 साल के अधेड़ को पिता ने सौंप दी 16 साल की नाबालिग
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हापुड़। देहात थाना क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी व्यक्ति ने अपनी ही नाबालिग बेटी को 40 वर्षीय अधेड़ को सौंप दिया। दो महीने तक अधेड़ के चुंगल में रही नाबालिग गर्भवती हो गई। बरामदगी के बाद न्यायपीठ बाल कल्याण समिति के समक्ष पीड़िता ने गर्भ में पल रहे भ्रूण को गिराने की सहमति जताई, समिति की ओर से सीएमओ को पत्र लिखकर नाबालिग की उम्र और भ्रूण की जांच कर रिपोर्ट देने के संबंध में निर्देशित किया गया। मंगलवार को पीड़िता का गढ़ रोड सीएचसी में अल्ट्रासाउंड किया गया है।
बेटी को साथ लेकर अस्पताल पहुंची मां ने बताया कि उसके पति ने ही बेटी को अधेड़ के सुपुर्द किया था। दो जून 2022 को चाय में नशीली गोली मिलाकर उसे बेहोश कर दिया। जब आंख खुली तो घर पर न तो पति थे और न ही बेटी थी। गहने भी गायब थे, काफी तलाश के बाद भी बेटी का सुराग नहीं मिल सका।
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बताया कि आरोपी अधेड़ का उनके घर आना जाना था। बेटी की तलाश में वह भी उनके साथ रहा। लेकिन काफी दिनों तक रिपोर्ट दर्ज नहीं होने दी। पति भी बेटी के गायब होने की बात से खुद अनजान बने रहा। शक होने पर पुलिस में शिकायत की, जिसके बाद दो अगस्त 2022 को गांव अच्छेजा से नाबालिग को बरामद करते हुए आरोपी पिता और अधेड़ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
नाबालिग के मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान हुए, इसके बाद मामला न्यायपीठ बाल कल्याण समिति में आ गया। यहां पीड़िता की काउंसलिंग की गई, पीड़िता ने खुद के गर्भवती होने की बात कह, भ्रूण गिराने की सहमति जताई। इस का संज्ञान लेकर न्यायपीठ बाल कल्याण समिति ने सीएमओ को बालिका के गर्भ में पल रहे भ्रूण की स्थिति एवं बालिका की आयु निर्धारण कर शारीरिक जांच व भ्रूण के गिराने की बाबत राय बैंच को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मंगलवार को पीड़िता अपनी मां और भाई के साथ गढ़ रोड सीएचसी पहुंची। वहां, उसका अल्ट्रासाउंड कर, भ्रूण संबंधी रिपोर्ट तैयार की गई।
भाई-बहन के रिश्ते को किया कलंकित
नाबालिग से अधेड़ ने न सिर्फ विश्वासघात किया, बल्कि भाई बहन के रिश्ते को भी कलंकित किया। पीड़िता के भाई ने बताया कि आरोपी का उनके घर आना जाना था। बहन से वह राखी भी बंधवाता था, फिर भी इतना घटिया काम किया।
ब्रजघाट में रचाई थी शादी
नाबालिग को लेकर अधेड़ दो दिन तक हरिद्वार में रहा, इसके बाद ब्रजघाट आकर उन्होंने शादी रचाई। नाबालिग का पिता भी उन्हीं के साथ रहा। इसके बाद पीड़िता को एक महीने तक अच्छेजा गांव में रखा।
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कोट-
न्यायपीठ बाल कल्याण समिति बालिका को उचित विधिक सहायता दिलाई जाएगी। बालिका की आगामी शिक्षा में परेशानी न हो, इसका उचित ध्यान रखा जाएगा, साथ ही बालिका की समय समय पर काउंसलिंग भी की कराई जाएगी।--अभिषेक त्यागी, अध्यक्ष, न्यायपीठ बाल कल्याण समिति।
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