सतर्कता डोज के बाद भी संक्रमित हुए 17 मरीज
हापुड़। सतर्कता डोज के बाद भी लोगों को कोरोना हो रहा है। लेकिन तीसरा डोज लेने वालों को जान का जोखिम नहीं है, सिर्फ बुखार के बाद ही मरीज स्वस्थ हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के एसीएमओ व एक चिकित्सक भी संक्रमित मिले हैं। चौथी लहर में संक्रमण पेट दर्द का भी कारण बन रहा है। इस लहर में मिले किसी मरीज को अस्पताल जाने की आवश्यकता भी नहीं पड़ी है।
जिले में चौथी लहर एक मई से शुरू हुई थी, शुरूआती तीन महीने में बहुत कम केस मिले, लेकिन अब मामले बढ़ने लगे हैं। जांच कम होने के बावजूद मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। हालांकि इस लहर में शुरूआती दो लहरों जैसा खतरा नहीं दिख रहा है। लेकिन संक्रमण कब गंभीर रूप ले इसकी स्वास्थ्य अधिकारियों को भी जानकारी नहीं है।
तीन डोज ले चुके लोग भी संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। केस स्टडी कर रहे नोडल अधिकारी डॉ. जेपी त्यागी ने बताया कि जिन लोगों को एक भी डोज नहीं लगा है, उन्हें ही केवल जान का खतरा है। अब तक 17 मरीज ऐेसे मिले हैं, जिन्होंने सतर्कता डोज भी ली है, हालांकि ये मरीज दो दिन के बुखार के बाद स्वस्थ हो गए हैं।
यही कारण है कि इस लहर में अब तक संक्रमित मिले 80 मरीजों में से किसी को भी अस्पताल में भर्ती रखने की जरूरत नहीं पड़ी है। अब तक 53 मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो गए हैं, जबकि 25 मरीज अभी भी होम आइसोलेशन में उपचार पा रहे हैं।
आरटीपीसीआर में मिल रहा संक्रमण
कोरोना संक्रमण एंटीजन किट की पकड़ में नहीं आ रहा है। आरटीपीसीआर की जांच में ही मरीज संक्रमित मिल रहे हैं। ऐसे में जांच के 24 घंटे बाद रिपोर्ट आने पर ही मरीज के संक्रमित होने या न होने का पता चल रहा है।
घर घर बांटी जा रही दवाएं
कोरोना संक्रमित मिले मरीजों को घर घर जाकर दवाएं बांटी जा रही है। इसके लिए आवश्यक दवाओं के पैकेट भी तैयार किए गए हैं। रेपिड रेस्पोंस टीमें इन किटों को मरीजों को मुहैया करा रही हैं। साथ ही रोजाना का फीडबैक भी लिया जा रहा है।
जिले में कोरोना संक्रमण की स्थिति
कुल जांच---1033130
कुल मरीज--15021
स्वस्थ मरीज--14773
कुल मौत----223
कोट-
कोरोना से बचाव के लिए सतर्कता डोज अवश्य लगवाएं। तीनों डोज लेने के बाद मरीज को जान का जोखिम नहीं होता है। अब तक संक्रमित मिले मरीजों में ऐसे मरीजों को ही अस्पताल जाने की आवश्यकता अधिक पड़ी है जिन्होंने टीका नहीं लगवाया है। - डॉ.सुनील कुमार, सीएमओ।