मानसून ने इस बार लोगों को जरूर इंतजार कराया हो लेकिन देर से ही सही जुलाई माह में जमकर मेघा बरसे हैं। बरसात ने पिछले छह साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इस बार जुलाई माह में जिले में 454 मिमी बरसात दर्ज की गई है। बड़ी बात है कि हापुड़ तहसील क्षेत्र में सबसे अधिक बारिश हुई है। इस बारिश से जहां भूगर्भीय जलस्तर में बढ़ोतरी होगी, वहीं फसलों का भी उत्पादन बढ़ेगा।
मौसम विज्ञानियों की घोषणा के अनुसार बेहतर बारिश की उम्मीद जताई जा रही थी। घोषणा के अनुसार मानसून भी सही समय पर आया। लेकिन शुरूआती जुलाई में बारिश के लिए लोगों को इंतजार करना पड़ा। गढ़ में एक और दो जुलाई को तो बारिश हुई, लेकिन हापुड़ तहसील में पहली बारिश 12 जुलाई को हुई। लेकिन अच्छी बारिश अगले दिन 13 जुलाई को हुई। इस दिन हापुड़ तहसील में कुल मिलाकर 248 मिमी बारिश हुई, जबकि गढ़ में सूखा रहा। इसके बाद 21 जुलाई को भी हापुड़ तहसील क्षेत्र में 250 मिमी बारिश हुई। कुल मिलाकर हापुड़ तहसील क्षेत्र में पूरी जुलाई 711 मिमी और गढ़ क्षेत्र में 198 मिमी बारिश हुई। धौलाना तहसील में बारिश की जानकारी के लिए फिलहाल संसाधन नहीं है, ऐसे में धौलाना तहसील में पड़ने वाली बारिश की गणना नहीं हो सकी है।
छह साल में सबसे अधिक बारिश
आंकड़ों पर नजर डालें तो इस बार पिछले छह सालों में सबसे अधिक बारिश हुई है। वर्ष 2018 में जुलाई माह में 319 मिमी बारिश हुई थी। इसके बाद वर्ष 2019 में 176 मिमी बारिश हुई है। इसके बाद के सालों में बारिश सौ मिमी का आंकड़ा भी नहीं पकड़ पाई है। ऐसे में इस बार अच्छी बारिश होने से भूगर्भीय जल स्तर में बढ़ोत्तरी और किसानों को लाभ की उम्मीद है। हापुड़ और गढ़ डार्क जोन में हैं और यहां अब कुछ सुधार की उम्मीद है।
जिले की स्थिति को देखते हुए इस बार बारिश देरी से भले ही शुरू हुई हो, लेकिन यह क्षेत्र के लिए अनुकूल रही। इस बार पूरे सीजन अच्छी बारिश की संभावना है।
-डॉ. अशोक सिंह, मौसम विज्ञानी।
ये रही जुलाई में बारिश की स्थिति
- वर्ष बारिश(मिमी में)
- 2017- 129.5
- 2018- 319
- 2019- 176
- 2020- 91.75
- 2021- 204
- 2022- 454