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Ayushman Yojana: आयुष्मान में 7745 मरीजों को मिला उपचार, बिना सत्यापन मांगे 9.71 करोड़

Mon, 08 Aug 2022 11:06 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो जतिन त्यागी, हापुड़।

सार

जिले के 9 निजी अस्पताल इस योजना के पैनल में हैं, अब तक ये अस्पताल 7745 मरीजों को उपचार दे सके हैं। इसमें घुटना प्रत्यारोपण से लेकर जटिल सर्जरी भी शामिल हैं।
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Ayushman Bharat Yojana card new - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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आयुष्मान योजना के तहत 7745 मरीजों ने निजी अस्पतालों में उपचार पाया है। लेकिन इनमें अधिकांश का सत्यापन कोऑर्डिनेटर द्वारा नहीं किया गया। स्थानीय अधिकारियों ने ही अपने स्तर से सत्यापन किया है, अस्पतालों ने उपचार के बदले 9.71 करोड़ का क्लेम किया है। योजना के कोऑर्डिनेटर साल में सिर्फ दो बार हापुड़ आए हैं, उन्होंने एक बार भी मरीज का फीडबैक नोडल को नहीं दिया। इस मामले में नोडल ने सीएमओ के माध्यम से शासन को पत्र लिखा है।

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आयुष्मान योजना में हापुड़ के 59234 परिवारों को शामिल किया गया है। इन परिवारों को गोल्डन कार्ड मुहैया कराए जा रहे हैं। एक कार्ड पर परिवार को पांच लाख रुपये तक का निशुल्क उपचार मिल सकता है। योजना को लागू हुए चार साल बीत गए हैं, सरकारी अस्पतालों ने योजना में खास दिलचस्पी नहीं दिखाई, सिर्फ 74 मरीजों का ही उपचार किया है, क्लेम भी सिर्फ 2 लाख 40 हजार 300 रुपये ही बना है।

जिले के 9 निजी अस्पताल इस योजना के पैनल में हैं, अब तक ये अस्पताल 7745 मरीजों को उपचार दे सके हैं। इसमें घुटना प्रत्यारोपण से लेकर जटिल सर्जरी भी शामिल हैं। इन मरीजों के उपचार के बदले निजी अस्पतालों ने 9.71 करोड़ रुपये का क्लेम किया है।
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लेकिन मरीजों को मिले उपचार का सत्यापन सही तरीके से नहीं हो पा रहा। इस कार्य के लिए शासन ने कोऑर्डिनेटर बनाए हैं। इन्हें उपचार पाने वाले मरीज का सत्यापन करना होता है। लेकिन कोऑर्डिनेटर द्वारा इनका सत्यापन नहीं किया गया।

आयुष्मान योजना के नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ.केपी सिंह ने फोन पर कोऑर्डिनेटर को जमकर लताड़ा। डॉ.केपी सिंह ने बताया कि पूरे साल में उनसे कोऑर्डिनेटर सिर्फ दो ही बार मिले हैं, उसमें भी मरीजों से जुड़ी कोई जानकारी नहीं दी गई है। ऐसे में बिना सत्यापन के मरीजों के उपचार का क्लेम पास करना मुश्किल हो रहा है। इस मामले में अब एसीएमओ ने सीएमओ के माध्यम से शासन को भी चिट्ठी लिखी है।
  • पैनल में शामिल हैं ये अस्पताल
सरस्वती मेडिकल, जीएस मेडिकल, रामा मेडिकल, देव नंदिनी अस्पताल, प्रयाग हॉस्पिटल, मधु नर्सिंग होम, दीप हॉस्पिटल, आयुष्मान अस्पताल, श्री सिद्धि विनायक अस्पताल।

योजना में शामिल पात्रों की स्थिति
प्रधानमंत्री जन आरोग्य 252000
मुख्यमंत्री जन आरोग्य 506
श्रम आरोग्य 8000
अंत्योदय 32296


निजी अस्पताल में उपचार पाने वालों की स्थिति
आयुष्मान सिंभावली 1234
दीप हॉस्पिटल 01
देव नंदिनी 1701
मधु हॉस्पिटल 738
प्रयोग हॉस्पिटल 01
रामा मेडिकल 2981
सरस्वती मेडिकल 510
श्री सिद्धी विनायक 01
(नोट : इन प्राइवेट अस्पतालों में कुल 7745 मरीजों ने उपचार पाया है, इनके एवज में अस्पतालों ने 9.71 करोड़ का क्लेम किया है।)

आयुष्मान योजना में उपचार पाने वाले मरीजों के सत्यापन की जिम्मेदारी के लिए शासन ने कोऑर्डिनेटर नियुक्त किए हैं। लेकिन एक साल में वह उनसे सिर्फ दो ही बार मिलने आया है, उसमें भी मरीजों का कोई फीडबैक नहीं दिया है। इस मामलें में चिट्ठी लिख दी गई है।--डॉ केपी सिंह, एसीएमओ

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