2005 के बाद कनेक्शन लेने वाले किसानों के बिल होंगे संशोधित
हापुड़। वर्ष 2005 के बाद नलकूप कनेक्शन लेने वाले किसानों के बिलों में जुड़कर आ रही गलत बकायेदारी अब स्थानीय स्तर पर ही दूर हो जाएगी। ऐसे उपभोक्ताओं की सूची तैयार की जा रही है, एक्सईएन ने निगम के कर्मचारी को उपभोक्ताओं को फोन कर जमा रसीदों की छायाप्रति मंगाने के निर्देश दिए हैं। 2004 से पहले वाले कनेक्शन के लेजरों में फिलहाल छेड़छाड़ नहीं की जाएगी।
वर्ष 2003 और 04 में नलकूप के बिलों की रसीदों में गड़बड़ी कर 220 करोड़ रुपये का घपला किया गया था। इसकी जांच ईडी समेत कई संस्थाएं कर चुकी हैं। वर्ष 2019 में तत्कालीन डीएम ने शासन को अवगत कराया। जिसके बाद एमडी कार्यालय द्वारा एक टीम का गठन किया गया। टीम ने जांच पूरी कर ली है, लेकिन इस पर कोई निर्णय अभी तक नहीं हुआ है।
इसी की आड़ में लेजर से छेड़छाड़ कर बिलों में गड़बड़ी का कार्य होता रहा। वर्ष 2011 के बाद कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं के बिल भी गलत बकायेदारी से भरे हैं। अमर उजाला ने शनिवार के अंक में इस समाचार को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस मामले में अब बिलों को संशोधित करने के लिए कमेटी बनाई जा रही है।
वर्ष 2005 के बाद कनेक्शन लेने वाले नलकूप उपभोक्ता अपने बिलों की जमा रसीद अधिशासी अभियंता कार्यालय में देकर, गलत बकायेदारी को हटवा सकते हैं।
कोट -
वर्ष 2005 के बाद कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं के नलकूप बिलों में यदि गड़बड़ी है तो वह पुराना जमा बिल की रसीदें उपलब्ध करा दें, ऐसे सभी बिल संशोधित किए जाएंगे। 2004 से पहले के बिलों पर आदेश शासन को देना है, इसलिए इस अवधि के बिल फिलहाल संशोधित नहीं हो सकेंगे।--मनोज कुमार, अधिशासी अभियंता।