टीकाकरण फर्जीवाड़ा : मृतक को लगा दी सतर्कता डोज
हापुड़। कोरोना टीकाकरण का लक्ष्य पूरा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। आलम यह है कि अब मृतकों को भी सतर्कता डोज लगाई जा रही है। मृतक के पुत्र के मोबाइल पर जब डोज लगने का संदेश आया तब इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। जनवरी 2022 में मृत व्यक्ति को सतर्कता डोज लगाने का मामला सामने आया है। इतना ही नहीं मृतक के पुत्र और पुत्रवधूू का भी स्लॉट बुक कर दिया गया।
कनिया कल्याणपुर निवासी प्रियांक त्यागी ने बताया कि उसके पिता सतीश त्यागी की मृत्यु 17 जनवरी में हो गई थी। इससे पहले उन्हें दो डोज बूथों पर ले जाकर लगवाए गए थे। उनकी मौत हुए सात महीने बीत गए हैं, छह अगस्त को स्वास्थ्य विभाग द्वारा उन्हें सतर्कता डोज लगाने का संदेश भेजा है। पोर्टल पर ऑनलाइन जांच की तो इसमें उन्हें तीसरा डोज लगाए जाने की पुष्टि हुई।
मृतक व्यक्ति को डोज किस तरह लगायी जा सकती है, यह समझ नहीं आ रहा। रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ और फर्जीवाड़ा हो रहा है। तीसरा डोज सिंभावली की आईडी से ही लगाया गया है। इतना ही नहीं मृतक के पुत्र और पुत्रवधू को भी बूथों पर जाए बगैर ही तीसरा डोज लगा दिया गया है। इस तरह के फर्जीवाड़े को रोक पाने में अधिकारी विफल साबित हो रहे हैं।
केस नंबर एक-
कोरोना से बचाव के लिए मैने अपनी पत्नी को दो डोज बूथ पर जाकर लगवाए थे, तीसरी डोज अभी तक नहीं लगवाया है। लेकिन पांच अगस्त को तीसरा डोज लग जाने का संदेश मिला। जबकि उसे टीका लगा ही नहीं है, ऐसे में उसके नाम पर डोज किसने चढ़ा दिया इसकी जांच होनी चाहिए।--प्रियांक त्यागी।--फोटो संख्या--12
केस नंबर दो--
कोरोना का प्रकोप अब फैल रहा है, तीसरा डोज लगवाने का समय भी पूरा हो गया है। लेकिन पोर्टल पर चैक किया तो उसके नाम पर दो अगस्त को पहले ही सतर्कता डोज लगाए जाने की सूचना मिली है। उसके नाम की आईडी में फर्जीवाड़ा कर, डोज चढ़ा दिया गया है। ऐसे लोगों की तलाश कर, कार्रवाई होनी चाहिए।--मयंक।--फोटो संख्या--13
सिंभावली में एक कर्मचारी पर हुई थी कार्रवाई
पोर्टल से छेड़छाड़ कर गलत तरीके से फिडिंग के मामले में बीते दिनों स्वास्थ्य अधिकारियों ने सिंभावली सीएचसी पर ही एक कर्मचारी को पकड़ा था, उसे तत्काल प्रभाव से हटाया भी गया। लेकिन सुधार नहीं हो सका है, अभी भी फर्जीवाड़ा जारी है।
सतर्कता डोज को लेकर अधिकारियों पर दबाव
जिले में सात लाख से अधिक सतर्कता डोज लंबित है, शासन की जांच में अधिकारियों को लगातार फटकार लग रही है। कैसे भी करके लोगों को तीसरा डोज देने की तैयारी में अधिकारी लगे हैं। यही कारण है कि अधिकारियों के दबाव के चलते कर्मचारी इस तरह का फर्जीवाड़ा करा रहे हैं।
कोट-
मृतक को सतर्कता डोज दिए जाने का मामला गंभीर है। तीसरा डोज लेने के लिए लोगों को संदेश भेजकर जागरूक किया जा रहा है। लेकिन बिना टीका लगाए टीकाकरण हो जाने का संदेश नहीं भेजा जा सकता है। पूरे प्रकरण की जांच कर, दोषियों पर कार्रवाई करेंगे।--डॉ सुनील कुमार, सीएमओ।