रातभर फीडर बंद रखने पर एक्सईएन समेत तीन अधिकारी निलंबित
हापुड़। रातभर बिजली फीडर बंद रखने के मामले में ऊर्जा निगम ने जिले में बड़ी कार्रवाई की है। ग्रामीणों की शिकायत पर डिवीजन के अधिशासी अभियंता, उपखंड अधिकारी और अवर अभियंता को निलंबित कर दिया गया है। रातभर बिजली बाधित रहने पर हजारों ग्रामीणों को समस्याओं का सामना करना पड़ा था।
आलमनगर उपकेंद्र से जुड़े शंकरटीला फीडर को एक अगस्त की रात 01.20 बजे से अगले दिन दोपहर एक बजे तक बंद रखा गया था। इस प्रकरण में शासन में शिकायत की गई थी। बुधवार सुबह बिजली निगम के अधिकारियों की वीडियो कांफ्रेंसिंग शुरू हुई। पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष ने वीसी में इस प्रकरण पर गहरा असंतोष जताया और निलंबन की कार्रवाई के आदेश दिए। बुधवार देर रात कार्रवाई की गई, बृहस्पतिवार सुबह निलंबन का आदेश पत्र भी जारी कर दिया गया। पीवीवीएनएल के प्रबंध निदेशक अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने अधिशासी अभियंता केपी पुरी और एसडीओ राकेश कुमार प्रजापति को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। अधीक्षण अभियंता यूके सिंह ने अवर अभियंता अजय कुमार को निलंबित किया। जिले में इस स्तर पर निलंबन की यह सबसे बड़ी कार्रवाई है।
दो अधिकारियों की वीडियो सहित शिकायत की
बिजली निगम के दो अधिकारियों की वीडियो सहित शिकायत की गई है। इसमें आरोप है कि दोनों अधिकारी हापुड़ में नहीं रहते, बल्कि सरकारी गाड़ी और तेल का दुरुपयोग कर बाहर रहते हैं। जनता के प्रति इनका रवैया अच्छा नहीं है, सीयूजी नंबर तक नहीं उठाया जाता है।
हवा के तेज झोंके आते ही बंद कर दिए जाते हैं बिजलीघर
हवा के तेज झोंके आते ही रातभर बिजलीघरों को बंद रखना हापुड़ में आम हो गया है। उच्च स्तर पर जागरूकता के अभाव में कोई शिकायत नहीं कर पाता। इस वजह से अधिकारियों की मनमर्जी बढ़ती जा रही है। इस तरह की कार्रवाई से बिजली सप्लाई में सुधार होगा।
नहीं सुनते अधिकारी
बीते दिनों गांव कैली में एक ट्रांसफार्मर चोरी हो गया था। ग्रामीणों ने कई दिन निगम के उच्चाधिकारी के चक्कर लगाए, लेकिन अधिकारी ने समस्या का समाधान करने के बजाय ग्रामीणों से चोर को पकड़कर लाने की बात कही।
इन मामलों को दबा गए अफसर
-उबारपुर बिजलीघर के तत्कालीन जेई ने बिना एस्टीमेट हजारों रुपये सुविधा शुल्क लेकर कई पोल की लाइन शिफ्ट कर दी, सिर्फ जिले के अंदर ही तबादला किया गया।
-भारतीय रक्षा प्रणाली बाबूगढ़ के एस्टीमेट में 30 लाख का झोल, मामला दबाया।
-विजिलेंस की कार्रवाई के दौरान गांव की आपूर्ति काटी, कोई कार्रवाई नहीं।
-210 करोड़ के नलकूप बिल घोटाले में नहीं मिला किसानों को इंसाफ।
-निगम के एक कर्मचारी ने पदोन्नति बगैर बढ़ा वेतन पाया, रिकवरी की कार्रवाई के बजाए उसे बचाया जाता रहा।
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कोट
बिजलीघर के फीडर को रातभर बंद रखने के मामले का संज्ञान पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष ने लिया है। अधिशासी अभियंता केपी पुरी, एसडीओ राकेश कुमार प्रजापति, अवर अभियंता अजय कुमार को निलंबित किया गया है। -यूके सिंह, अधीक्षण अभियंता।