अस्पताल के बाहर प्रदर्शन करते कार्यकर्ता
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मरीज को थमाया 11 लाख का बिल, अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ हंगामा
धौलाना। गाजियाबाद स्थित अस्पताल में भर्ती मरीज का 11 दिन में 11 लाख रुपये का बिल बनाने के विरोध में बुधवार को किसान मजदूर संगठन के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। हालांकि, अस्पताल प्रबंधन द्वारा मामला सुलझाने और मरीज को छुट्टी देने के बाद संगठन के कार्यकर्ता शांत हुए।
संगठन के प्रदेश महासचिव ब्रह्म सिंह राणा ने बताया कि गांव नारायणपुर निवासी नरेश संगठन का कार्यकर्ता है। जिसे 21 जुलाई को बीमार होने पर गाजियाबाद स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल प्रबंधन ने नरेश की हालत नाजुक बताकर उसे 8 दिनों तक वैंटीलेटर पर रखा और 11 लाख रुपये का बिल थमा दिया। आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने तीमारदारों को भयभीत करके 7 लाख रुपये भी ऐंठ लिए। बाकी 4 लाख रुपये जल्द जमा करने की चेतावनी दी। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर मेरठ मंडल के 6 जिलों के जिलाध्यक्ष का एक प्रतिनिधि मंडल अस्पताल के जीएम से वार्ता करने के लिए पहुंचा। अस्पताल प्रबंधन द्वारा कोई जवाब न देने पर संगठन के कार्यकर्ता भड़क गए और अस्पताल के गेट पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। कुछ देर बाद अस्पताल प्रबंधन ने किसानों के प्रतिनिधियों को बुलाया और मामला सुलझाकर बिल में संशोधन कर नरेश को छुट्टी दे दी। अस्पताल की पीआर कंपनी हैड वातिका ने बताया कि भर्ती के समय, रोगी के परिवार को उपचार और खर्चे के बारे में जानकारी दी जाती है। पिछले एक सप्ताह से मरीज को चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया और छुट्टी दे दी गई।
प्रदर्शन करने वालों में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अन्नु मलिक, प्रदेश उपाध्यक्ष वीर सिंह सिसौदिया, मेरठ मंडल उपाध्यक्ष धर्मपाल सिंह, बागपत जिलाध्यक्ष कालूराम तोमर, मुजफ्फरनगर जिलाध्यक्ष दीपक सोम, मेरठ जिलाध्यक्ष देवराज सिंह, बुलंदशहर जिलाध्यक्ष दुष्यंत सिंह, रामौतार सिंह, वकील अहमद शामिल रहे।