दोनों चीनी मिलों के भुगतान की स्थिति
| मिल |
देय |
भुगतान |
अवशेष |
भुगतान प्रति. |
| सिंभावली |
501.69 |
210.60 |
291.08 |
41.98 |
| ब्रजनाथपुर |
93.56 |
101.18 |
92.37 |
52.28 |
(नोट : देय, भुगतान, अवशेष की राशि करोड़ में है और अंतिम कॉलम भुगतान प्रतिशत में है, यह आंकड़ा गन्ना विभाग से लिया गया है।)
कांवड़ यात्रा के दौरान चीनी बिक्री में हुई परेशानी
कांवड़ यात्रा के दौरान रास्ते बंद हो जाने के कारण चीनी की बिक्री प्रभावित रही। सात दिन तक चीनी की रैक सप्लाई नहीं की जा सकी, ऐसे में किसानों का भुगतान भी अटका दिया गया।
आस पास के जिलों में मिलों के भुगतान की स्थिति तेज
हापुड़ के आस पास वाले जिलों में चीनी मिलों के भुगतान की स्थिति तेज है। मेरठ में पडने वाले नंगलामल, मोहद्दीनपुर मिल पर भी हापुड़ के किसानों का गन्ना सप्लाई होता है। वहां भुगतान संबंधी कोई परेशानी नहीं होती, बुलंदशहर जिले में भी भुगतान की स्थिति बेहतर है।
बैठक में एफआईआर की कही थी बात, ढिलाई कर रहे अधिकारी
गन्ना भुगतान में विलंब पर बैठक में एडीएम ने मिलों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर, किसानों को जल्द भुगतान कराने की बात कही थी। लेकिन अधिकारी कार्रवाई में ढिलाई बरत रहे हैं, जिसके चलते किसानों को परेशान किया जा रहा है। -पवन हूण, जिलाध्यक्ष भाकियू
गन्ना भुगतान में अव्यवस्था पड़ेगी भारी
गन्ना भुगतान में घोर लापरवाही हो रही है, किसानों की फिक्र किसी को नहीं है। चीनी मिल अपनी मर्जी से भुगतान कर रहे हैं। यह अव्यवस्था भारी पड़ सकती है, इस बार आंदोलन में आर पार की लड़ाई होगी। अधिकारियों को भी सख्त होना चाहिए। -दिनेश खेड़ा, जिलाध्यक्ष, भाकियू
लगातार जारी हो रहे नोटिस
चीनी मिलों को लगातार नोटिस जारी किए जा रहे हैं, भुगतान कराने का हर संभव प्रयास हो रहा है। डीएम ने भुगतान संबंधी फाइल तलब की है, किसानों को परेशानी न हो, इसका ध्यान रखा जा रहा है। -निधि गुप्ता, जिला गन्ना अधिकारी