वन विभाग से मांगी अनुमति
एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए जिले में करीब 14 हजार पेड़ काटे जाने हैं, इनमें कुछ पेड़ ऐसे हैं, जिन्हें काटने की अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है, जबकि कुछ की अनुमति की आवश्यकता है। अधिकारियों ने बताया कि नियमानुसार अनुमति के लिए संबंधित किसान से प्रति पेड़ एक हजार रुपये लिए जाते थे। लेकिन यूपीडा द्वारा किसानों को इससे मुक्त कर दिया गया है। अनुमति मिलने के बाद पेड़ों के कटान का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य
प्रदेश सरकार की प्राथमिकता में शामिल गंगा एक्सप्रेसवे को लेकर संबंधित विभाग व निर्माण कंपनी तेजी से कार्य पूर्ण कर रही है। सीमांकन के बाद अगले दस दिन में हापुड़ जिले में 120 मीटर चौड़े एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए मिट्टी भराव का काम शुरू हो जाएगा।
इन गांवों में चल रहा सीमांकन
हापुड़ -आगापुर सराय, गोहरा आलमगीरपुर, मुराद अल्लीपुर, औरंगाबाद, माधापुर मौज्जमपुर, हाजीपुर, उदयपुर गढ़मुक्तेश्वर-दत्तियाना, पीरनगर, हिम्मतपुर, राजपुर, सिंभावली फरीदपुर, सिखेड़ा मुरादाबाद, मुरादपुर, बंगोली, आलापुर, किरावली बांगर, शंकराटीला, सिंगनपुर, बहादुरगढ़, आलमनगर बांगर, बरारी, भैना सदरपुर, चुचावली, जखेड़ा रहमतपुर, चांदनेर, वहापुर ठेरा, भदस्याना, रजापुर।
गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए अधिग्रहीत की गई भूमि पर कब्जा लेकर पिलर लगाने का कार्य शुरू किया गया है, इसी सप्ताह सीमांकन का कार्य पूरा हो जाएगा। इसके बाद जेसीबी की मदद से वाहनों के आवागमन के लिए रास्ते का निर्माण कराते हुए मिट्टी डालने का कार्य शुरू हो जाएगा। पावर कॉरपोरेशन को बिजली की लाइनों को शिफ्ट करने के लिए निर्देशित कर दिया गया है। -नरेंद्र सिंह, एसडीएम, यूपीडा।