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दो साल में 30 फीसदी बढ़ गए तनाव, अवसाद के मरीज

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दो साल में 30 फीसदी बढ़ गए तनाव, अवसाद के मरीज
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हापुड़। स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में जिले की 40 फीसदी आबादी तनाव, अवसाद से पीड़ित मिली है। दो साल के अंदर मानसिक रोगियों की संख्या में 30 प्रतिशत तक इजाफा हुआ है। शासन ने इस समस्या पर स्वास्थ्य विभाग के हर चिकित्सक को एक महीने की मनोचिकित्सा का प्रशिक्षण दिलाने का निर्णय लिया गया है। हापुड़ के चार चिकित्सक प्रशिक्षण भी ले चुके हैं।
मनोरोग विशेषज्ञ डॉ अशरफ अली ने बताया कि ओपीडी में आने वाले 40 फीसदी मरीजों को नींद न आना, चिंता सताना, अवसाद, चिड़चिड़ापन, सिर दर्द, याददास्त कमजोरी की समस्या सता रही है। विभिन्न रोगों से पीड़ित अन्य मरीज भी इस तरह की समस्याएं बता रहे हैं। कोरोना के बाद से मनोरोगियों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है।
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जिन लोगों के कारोबार ठप हो गए हैं या पारिवारिक विवाद अधिक हैं, ऐसे घरों के मरीजों में मानसिक समस्या गंभीर हो रही है। क्योंकि हर समय वह इसी के बारे में सोचते हैं, इन मरीजों की एक महीने तक काउंसलिंग करनी पड़ रही है, तब कहीं जाकर हालत सामान्य हो रही है।
हर दूसरे मरीज में तनाव, अवसाद की समस्या को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के हर चिकित्सक को मनोचिकित्सा की प्रशिक्षण दिलाने की कवायद शुरू कर दी गई है। आगरा में ट्रेनिंग चल रही है, जिसमें हर महीने एक चिकित्सक को भेजा जाता है, भले ही वह ईएनटी, हड्डी रोग, चर्म रोग विशेषज्ञ ही क्यों न हो।
ओपीडी में मनोरोगियों की स्थिति
25 मार्च 220
24 मार्च 290
23 मार्च 210
22 मार्च 190
21 मार्च 340
केस नंबर एक,
कोरोना बीमारी की दो बार चपेट में आ चुका हैं, इसके बाद से मन एकाग्र नहीं हो पा रहा है। हर समय मन में डर बना रहता है, काम में भी मन नहीं लगता। 15 दिन से चिकित्सक के पास आ रहा हूं ।--अरविंद शर्मा, अर्जुननगर।
केस नंबर दो,
कोरोना में कामकाज ठप हो गए, इसके साथ ही सिर में दर्द और भूलने की समस्या हो गई है। चिकित्सक ने परिजनों से बातें शेयर करना और अपने आपको अकेला नहीं समझने का सुझाव दिया है। - रोहताश, लज्जापुरी।
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तनाव दूर करने के टिप्स
* भाग दौड़ वाली जिंदगी से ब्रेक लें, ब्रेक लेने से नई शक्ति और ऊर्जा मिलती है।
* ऐसे दोस्त बनाएं, जिनसे दोस्ती बिना किसी उद्देश्य की हो, दोस्तों के साथ मन हल्का करने में मदद मिलती है।
* अपनी रुचि में ध्यान लगाएं, ऐसा काम करें, जिसे करने में खुशी मिलती हो।
* हर काम में जीतने के लिए न दौड़ें। क्षमताएं होने का मतलब यह नहीं होता कि हर चीज हासिल करनी हो। इससे दबाव ज्यादा होता है और जल्दी थक जाएंगे।
* उम्मीदें छोटी-छोटी रखें, उम्मीदों को सालों में और ना हीं पहरों में बांटे।
* हर रोज कम से कम 30 से 40 मिनट योग या ध्यान करें।
* वर्तमान में जिएं, नकारात्मकता को दूर रखें।
(नोट : मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज सैनी द्वारा दिए गए टिप्स।)
-मनोरोगियों के लिए काउंसलिंग की व्यवस्था-
मनोरोगियों के उपचार के लिए काउंसलिंग की व्यवस्था कराई गई है। जिला अस्पताल में भी इसकी सुविधा है, साथ ही हर चिकित्सक को मनोचिकित्सक का प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। --डॉ रेखा शर्मा, सीएमओ।
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