गढ़ खादर क्षेत्र में दोनों जनपदों की भूमि का सिजरा देखते अधिकारी।
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सीमा विवाद पर इनायतपुर पहुंचे हापुड़ और अमरोहा के अधिकारी
गढ़मुक्तेश्वर। खादर क्षेत्र में हापुड़ और अमरोहा की सीमा को लेकर काफी समय से विवाद होता आ रहा है, इस बार भी फसल की नीलामी को अमरोहा के धनौरा तहसील प्रशासन ने करा दिया, जिसको लेकर गढ़ खादर क्षेत्र के किसानों ने निलामी पर आपत्ति जताई और कार्रवाई की मांग की। शुक्रवार को अमरोहा और हापुड़ के प्रशासनिक अधिकारियों ने निरीक्षण कर जांच की और जल्द समस्या के निस्तारण का आश्वासन भी दिया।
शुक्रवार को गढ़ एआरओ (सहायक लेखा अधिकारी) पंकज सक्सेना, तहसीलदार विवेक भदौरिया ने खादर क्षेत्र के गांव इनायतपुर में अमरोहा के जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की और खादर क्षेत्र के सिजरा का देखा। इस दौरान गढ़ तहसील के अधिकारियों ने अमरोहा के एडीएम भगवत शाह, एसडीएम व तहसीलदार भगत सिंह को पूर्व में हुई जांच की रिपोर्ट दिखाईं। जिसमें बताया कि वर्ष 1991, 1994, 2004 और 2016 में उच्चाधिकारियों द्वारा जांच की जा चुकी है, जिसके आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गई हैं। जिसके बाद दोनों जनपदों के अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्र का सिजरा भी देखा। जिसमें पाया गया कि गंगा नदी का जल कम होने पर गंगा कई बार अमरोहा की तरफ खिसक जाती है और कई बार गढ़ की तरफ रह जाती है। जिससे सरकारी भूमि की तलाश करने में दोनों जनपदों के लिए बड़ी समस्या बन जाती है।गढ़ तहसील प्रशासन ने अमरोहा प्रशासन को पूर्व में तैयार किए गए नक्शे समेत अन्य रिपोर्ट की प्रतिलिपी दीं। अमरोहा और हापुड़ के अधिकारियों ने कहा कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी, अमरोहा और हापुड़ का सिजरा सही ढंग से तैयार होने पर सीमांकन की समस्या का निस्तारण कराया जा सकेगा।
सीमा विवाद को लेकर चल चुकी हैं गोली
पूर्व में कई अधिकारी आए और गए, लेकिन दोनों जनपदों के अधिकारी इस भूमि विवाद का निपटारा नहीं करा पाए हैं। जिसके चलते गढ़ और धनौरा के किसानों के बीच कई बार गोली तक चल चुकी है। इसके अलावा फौजदारी तो आए दिन होती रहती है।
प्रशांत शर्मा