खादर में बाढ़ चौकियां खाली, गैरहाजिर मिले ड्यूटी कर्मचारी
गढ़मुक्तेश्वर। खादर क्षेत्र में हर साल गंगा नदी के उफान के कारण पानी आसपास के गांवों और खेतों में पहुंच जाता है। जिसके लिए तहसील प्रशासन ने पांच स्थानों पर बाढ़ चौकियों को स्थापित किया हुआ, जो सिर्फ कागजों में ही देखने को मिल रही हैं, मौके पर बाढ़ से बचाव की कोई व्यवस्था नहीं है, न ही कोई ड्यूटी कर्मचारी मिलता है।
अमर उजाला टीम ने मंगलवार को प्रशासन द्वारा बनाई गई बाढ़ चौकियों की जांच की। वहां कोई व्यवस्था तो थी ही नहीं ड्यूटी कर्मचारी भी गैरहाजिर मिले। वहीं मौके पर बाढ़ से बचाव के उपकरण या अन्य व्यवस्था भी उपलब्ध नहीं है। जबकि बाढ़ चौकियों को तहसील प्रशासन बाढ़ प्रभावित वाले क्षेत्र में बनाता है, जिससे वहां पर गांवों में कर्मचारी एक-एक पल की सूचना दे सके और ग्रामीणों को होने वाली परेशानियों का समाधान करा सके। इसके अलावा बाढ़ चौकियों पर नाव, एक ड्यूटी कर्मचारी, ऐलान करने के लिए लाउडस्पीकर और हेल्पलाइन नंबर लिखा होना चाहिए। लेकिन बाढ़ चौकियों पर कोई भी व्यवस्था नहीं मिली।
- सीन 1
-- समय 11.30 बाढ़ चौकी पर लगा ताला
गांव इनायतपुर के प्राइमरी स्कूल को बाढ़ चौकी बनाया हुआ है। जहां पर एक कर्मचारी को भी नियुक्त किया हुआ है। लेकिन वहां पर ताला लगा हुआ है, न ही कोई कर्मचारी तैनात मिला।
- सीन 2
-- समय 12 बजे बाढ़ चौकी पर नहीं कोई व्यवस्था
नक्का कुआं मंदिर को बाढ़ चौकी बनाया हुआ है, वहां पर किसी भी तरह की कोई व्यवस्था नहीं है। न ही कोई नाव की व्यवस्था है, न ही किसी कर्मचारी की तैनाती है, जो बड़ी लापरवाही है।
- सीन 3
-- समय 1 बजे बाढ़ चौकी पर नहीं कोई कर्मचारी
गांव भगवंतपुर में गुरुद्वारा परिसर में बाढ़ चौकी बनाई हुई है, वहां पर बाढ़ से बचाव की कोई व्यवस्था नहीं है, न ही कोई कर्मचारी तैनात मिला। इस चौकी पर न तो कोई नाव ही दिखाई दी।
कोट -
बाढ़ चौकियों को स्थापित किया हुआ है, सभी की ड्यूटी भी लगाई हुई हैं। यदि बाढ़ चौकियों पर लापरवाही बरती जा रही है कि कर्मचारियों के साथ बैठक की जाएगी और दिशा निर्देश दिए जाएंगे, उसके बाद यदि कोई लापरवाही बरतता है तो कार्रवाई होगी। विवेक यादव, एसडीएम
संवाद
सीन 1-- गढ़ के गांव इनायतपुर में प्राइमरी स्कूल में बाढ़ चौकी पर लगा ताला।- फोटो : GARH
सीन--3 गढ़ के गांव भगवंतपुर में बाढ़ चौकी पर नहीं कोई व्यवस्था, कर्मचारी भी नदारद।- फोटो : GARH