बिजनौर बैराज से छोड़ा गया 88 हजार क्यूसेक पानी, लोगों में बढ़ी बेचैनी
गढ़मुक्तेश्वर। उत्तराखंड और दिल्ली एनसीआर में लगातार बारिश होने के कारण गंगा नदी का जल स्तर बढ़ रहा है। जिससे खादर क्षेत्र के लोगों में बेचैनी होनी शुरू हो गई। पशुओं के लिए चारा और चूल्हे में जलाने के लिए ईंधन की परेशानी का डर सताने लगा है।
बता दें कि पिछले तीन दिन से लगातार बिजनौर बैराज से पानी छोड़ा जा रहा है। जिससे गंगा नदी का जल स्तर 198.50 मीटर तक पहुंच चुका है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार रविवार को बिजनौर बैराज से 88 हजार क्यूसिक पानी छोड़ा गया है। जिससे गंगा नदी का जल स्तर बढ़ रहा है। वहीं खादर क्षेत्र के करीब डेढ़ दर्जन गांवों के लोगों में बाढ़ आने का खतरा बना हुआ है। हर साल की तरह इस साल भी गंगा का जल स्तर बढ़कर खेतों में पहुंच चुका है, इसके अलावा जिन लोगों ने खादर क्षेत्र में गंगा तटीय क्षेत्र में धान, गन्ने, फल सब्जी समेत अन्य फसल लगाई हुई थी, वो भी उफनती गंगा में समा रही है। जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरे बनी हुई है। किसान हरवीर सिंह, रोहताश, प्रभुदयाल, देवेंद्र, पुष्पेंद्र, नानकचंद ने बताया कि गंगा का जल स्तर बढऩे के कारण फसल तो नष्ट होती ही है, लेकिन खादर क्षेत्र के संपर्क मार्गों पर भी पानी भर जाता है। जिससे पशुपालकों को पशुओं के लिए चारा और घर में चूल्हे जलाने के लिए तैयार ईंधन की दिक्कत आती है। साथ ही आवागमन में भी परेशानी होती है। यदि यही हालात रहते हैं तो, ग्रामीणों के लिए भविष्य में बड़ी परेशानी बन सकती है।
बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मियों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिया हुआ है, जो लगातार खादर क्षेत्र के गांवों के लोगों से संपर्क कर रहे हैं।
- अरविंद कुमार, एसडीएम