कवियों ने देशभक्ति की कविताओं से समां बांधा
सिंभावली। नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती की पूर्व संध्या पर रविवार को गांव भोवापुर मस्तानगर में हिंदी साहित्य भारती के तत्वावधान में कवि रामआसरे गोयल के प्रतिष्ठान पर कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता डॉ. अशोक मैत्रेय और संचालन सतीश वर्धन ने किया।
कवि सम्मेलन में पिलखुआ से आए कवि राज चैतन्य ने जवान ज्योति बन गई जवानी सुभाष की। पहेली अमर हो गई कहानी सुभाष की। हजारों हुए शहीद, सच है मगर यही, यह आजाद हिंद है, निशानी सुभाष की। से नेताजी को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके अलावा अपनी दूसरी रचना उन्होंने जो बहार ले आये इस चमन के लिए। बीज बनकर मिटे, नव सृजन के लिए। ओ मेरी लेखनी। तू उनके गीत गा, जो हवन हो गए इस वतन के लिए। के जरिए अमर शहीदों को नमन किया। कवि सम्मेलन में कवि महावीर वर्मा मधुर, विजय वत्स, मोहनलाल तेजियान, राजकुमार हिंदुस्तानी, उमेश कुमार शर्मा, गंगाशरण शर्मा, सुनीता स्वामी, विनीत त्यागी, दिव्यांश दिव्य ने अपने मुक्तक प्रस्तुत किए। इस मौके पर कैलाशचंद गुप्ता, अनिल गोयल, ओमपाल सिंह, विकर समेत दर्जनों लोग मौजूद रहे।