मेले की तैयारी में बाधा बन रही बारिश
गढ़मुक्तेश्वर। खादर क्षेत्र में लगने वाले कार्तिक पूर्णिमा मेले की तैयारी में बारिश बाधा बनी हुई है, मेले के प्रारंभ होने में सिर्फ 19 दिन शेष रह गए हैं, फिलहाल कोई भी कार्रवाई शुरू नहीं हो पाई है। जिसके चलते जिला पंचायत एवं प्रशासनिक अधिकारियों के माथे पर भी चिंता की लकीरें खिंच गई हैं।
कार्तिक पूर्णिमा मेले की तैयारी में लेट लतीफी देखने को मिल रही है। क्योंकि पिछले तीन दिनों से बारिश के कारण मेला स्थल पर जलभराव हो रहा है। साथ ही मेले को जाने वाला मुख्य रास्ता भी कीचड़ से पट गया है। जिससे पैदल तो दूर किसी वाहन से भी वहां पर निरीक्षण नहीं किया जा सकता है। जिससे वाहनों से जाना तो दूर, पैदल निकलना भी मुश्किल बना हुआ है। यदि बारिश नहीं रुकती है, तो इस बार प्रशासन को मेला आयोजन से जुड़ी तैयारियां पूर्ण करने में भारी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। मेले में सबसे पहले जिला पंचायत की देखरेख में डिमार्केशन (चिह्नीकरण) किया जाता है, जिसके बाद सभी मार्गों को तैयार किया जाता है। वहीं मेले को सेक्टरों में बांटा जाता है। स्नान के लिए मुख्य स्नान घाट समेत अन्य सेक्टरों में अस्थाई घाट तैयार कर वहां पर बैरीकेटिंग लगाई जाती है। इसके अलावा रेतीले टापू पर अस्थाई रास्ते बनाने पड़ते हैं। वहीं पुलिस द्वारा तीस लाख से अधिक श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैयारी की जाती है। फिलहाल मेला आयोजन के लिए टेंडर प्रक्रिया हो गई है।
लगभग सौ एकड़ भूमि पर अभी भी खड़ा है गन्ना
मेले को पूरी तरह से रेतीले टापू पर बसाया जाता है। जिसके लिए वहां पर खड़ी फसलों का हटना भी जरूरी होता है। ताकि मेरठ सेक्टर, हापुड़ सेक्टर और दिल्ली सेक्टर के रास्तों को बनाया जा सके। इसके अलावा सभी सेक्टरों में थानों की जगह भी चिह्नित की जा सके। लेकिन अभी तक मेला स्थल से गन्ना ही कटना शुरू नहीं हुआ है।
क्या बोले अधिकारी
बारिश के रुकते ही और जिला पंचायत ठेकेदारों को वर्क ऑर्डर होते ही कार्य तेजी से शुरू होगा, मजदूरों की संख्या भी बढ़ा ली जाएगी, जिससे 29 अक्तूबर तक मेले की पूर्ण तैयारी कर ली जाएगी। विवेक कुमार यादव, एसडीएम