हापुड़। गाजियाबाद से आई विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) की टीम ने शनिवार दोपहर मेरठ रोड स्थित अशोक कॉलोनी में बर्तन व्यापारी के घर और धीरखेड़ा स्थित फैक्टरी पर छापा मारा। 32 अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम ने शाम तक हुई कार्रवाई में करीब एक करोड़ की कर चोरी पकड़ी है। उधर, मामले की जानकारी होने पर विरोध में कसेरठ बाजार बंद हो गया। शाम तक टीम दस्तावेज खंगालने में जुटी थी।अधिकारियों ने कर चोरी बढ़ने की आशंका व्यक्त की है।
मोहल्ला अशोक कॉलोनी निवासी संजीव जैन की जिला मेरठ के थाना खरखौदा क्षेत्र स्थित धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में मंगलम इंडस्ट्रीज के नाम से बर्तन फैक्टरी है। रविवार दोपहर एसआईबी के एडिशनल कमिश्नर गौरव राजपूत और डिप्टी कमिश्नर बीके दीपांकर के नेतृत्व में 32 सदस्यीय टीम यहां पहुंची। टीम ने एक साथ व्यापारी के घर और फैक्टरी पर छापा मारा और तलाशी शुरू कर दी। दस्तावेजों, लैपटॉप और मुख्य कर्मचारियों के मोबाइल फोन कब्जे में लेकर जांच शुरू की गई। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा।
गौरव राजपूत ने बताया कि जांच में बर्तन कारोबारी के यहां काफी कमियां पाई गई हैं। खरीद-फरोख्त में बिलों के माध्यम से कर चोरी का मामला सामने आया है। फैक्टरी जीएसटी के दस्तावेजों में घोषित नहीं है। फर्म के द्वारा अत्यधिक मात्रा रिफंड क्लेम किया गया है। शुरुआती जांच में करीब एक करोड़ की कर चोरी पकड़ी गई है। हालांकि कर चोरी बढ़ सकती है। देर शाम तक अधिकारियों द्वारा जांच जारी थी।
व्यापारियों ने जताया रोष
बर्तन कारोबारी के यहां छापे का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी बर्तन कारोबारियों के यहां कार्रवाई होती रही है। इससे कारोबारियों में पहले ही रोष व्याप्त है। शनिवार को जैसे ही कारोबारी के यहां छापे की सूचना मिली तो व्यापारियों में रोष व्याप्त हो गया। कसेरठ बाजार की सभी दुकानों को बंद कर दिया। काफी संख्या में व्यापारी एकत्र होकर बर्तन व्यापारी की फैक्टरी पर पहुंचे और उत्पीड़न का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। व्यापारियों और टीम के सदस्यों के बीच नोकझोंक भी हुई। अधिकारियों और पुलिस ने व्यापारियों को समझाकर शांत किया। हालांकि विरोध में पूरे दिन कसेरठ बाजार की दुकानों पर ताले पड़े रहे।
कसेरा एसोसिएशन के महामंत्री गोविंद अग्रवाल का कहना था कि बर्तन व्यापारियों का शोषण हो रहा है। मनमाने ढंग से अधिकारी व्यापारियों का उत्पीड़न कर रहे हैं। जिसके चलते व्यापार प्रभावित हो रहा है और खामियाजा व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है।