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Hapur News: येलो अलर्ट की तरफ बढ़ी गंगा, 198.70 मीटर पहुंचा जलस्तर

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गढ़ खादर क्षेत्र में जंगल को जाने वाले रास्ते पर भरा पानी।  - फोटो : संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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गढ़मुक्तेश्वर। तेज बारिश और बिजनौर बैराज से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने में बढ़ोतरी होने से एक बार फिर क्षेत्र में गंगा येलो अलर्ट की तरफ बढऩे लगी है। जिससे खादर क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीणों की परेशानी बढऩे लगी है।

गंगा के जलस्तर में कमी होने के बावजूद जलभराव और गंदगी से खादर क्षेत्र के गांव कुदैनी की मढ़ैया, नयागांव इनायतपुर, शेरा-कृष्णा वाली मढैय़ा, रेतो वाली मढैय़ा समेत अन्य गांवों के लोगों की परेशानी कम नहीं हो सकी है। वहीं दोबारा गंगा उफान की तरफ बढऩे लगी है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष मेरठ के अनुसार बृहस्पतिवार से शुक्रवार तक ब्रजघाट गंगा का जलस्तर में 16 सेंटीमीटर बढ़ गया है। शुक्रवार को जलस्तर 198.70 मीटर के निशान तक पहुंच गया है। जो यलो अलर्ट 198.73 मीटर से केवल तीन सेंटीमीटर कम है। वहीं शुक्रवार को भी बिजनौर बैराज से 1.14 लाख क्यूसेक अतिरिक्त पानी छोड़ा गया है। जो शनिवार को क्षेत्र में पहुंचेगा। जिससे जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना है।
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- आबादी के पास दोबारा पहुंचा पानी

जलस्तर घटने पर गांवों की आबादी के पास भरा पानी कुछ कम होने लगा था, लेकिन गंगा का उफान बढऩे से रास्तों और आबादी में फिर पानी भरना शुरू हो गया। जिससे ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कत होने लगी है। वहीं ईंधन की भी किल्लत हो रही है। खेतों में पानी भरा होने से ग्रामीणों को पहले से ही चारा बाहर से लाना पड़ रहा है।


नगर की दूध आपूर्ति हो रही प्रभावित


नगर में दूध की अधिकांश आपूर्ति गंगा खादर क्षेत्र के गांवों से ही होती है। चारे की किल्लत के चलते दूध उत्पादन भी कम हुआ है। वहीं रास्तों में पानी भरा होने से आवागमन भी बाधित है। जिसके चलते नगर की दूध आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है। जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
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- जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। बाढ़ चौकियां सतर्क हैं। वहीं खादर क्षेत्र के गांवों में खाद्य सामग्री भेजी जा रही है। तहसील परिसर में बनाए गए बाढ़ नियंत्रण कक्ष बाढ़ चौकियों के संपर्क में है। सभी व्यवस्थाएं पूरी हैं। यदि जलस्तर और बढ़ता है, तो ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा। - अंकित कुमार वर्मा, एसडीएम
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