खादर क्षेत्र के किसानों ने बताया कि पिछले तीन-चार दिन में गंगा का जलस्तर बढ़ने से पालेज की फसल और गंगा तट पर हो रही फसल में भूटान होने कारण नुकसान तो हुआ है। लेकिन अब जलस्तर स्थिर होने से जल गांवों के संपर्क मार्गों तक नहीं पहुंचेगा। किसानों ने कहा कि जब जल गांवों में पहुंच जाता है, तो लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। रास्तों पर दो फीट ऊंचा पानी और फसलें भी जलमग्न हो जाती हैं। बाढ़ नियंत्रण कक्ष अनुसार बुधवार में कोई डिस्चार्ज नहीं हुआ है। गंगा का जलस्तर 198.50 सेंटीमीटर है। यदि जल स्तर में बढ़ोतरी होती है, तो तहसील प्रशासन को अवगत कराया जाएगा। एसडीएम अंकित कुमार वर्मा का कहना है कि जल स्तर स्थिर है, लगातार सिंचाई विभाग के अधिकारियों के संपर्क में हैं। यदि बैराज से जल छोड़ा जाता है, तो जल स्तर बढ़ेगा, फिलहाल कोई परेशानी नहीं होगी। संवाद