संवाद न्यूज एजेंसी
ब्रजघाट। तीन दिनों तक राहत देने के बाद बृहस्पतिवार की सुबह एक बार फिर क्षेत्र में गंगा के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। जलस्तर बढऩे से खादर क्षेत्र के डेढ़ दर्जन गांवों के ग्रामीणों को एक बार फिर बाढ़ का डर सताने लगा है।
पहाड़ों और मैदानों में बारिश का सिलसिला मंद पडऩे और बिजनौर बैराज से कम डिस्चार्ज के चलते लगातार तीन दिनों तक गढ़-ब्रजघाट क्षेत्र में गंगा के जलस्तर में कमी होने लगी थी। जिससे खादर क्षेत्र के ग्रामीणों और प्रशासन ने कुछ राहत की सांस ली थी। बुधवार की शाम छह बजे ब्रजघाट में जलस्तर 197.53 मीटर (समुंद्र तल से) दर्ज किया गया था। लेकिन देर रात से जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी होनी शुरू हो गई। बृहस्पतिवार की सुबह जहां जलस्तर बढकऱ 197.77 मीटर हो गया, वहीं शाम छह बजे इसमें और अधिक बढ़ोतरी हुई। बाढ़ नियंत्रण कक्ष मेरठ के अनुसार शाम तक ब्रजघाट में जलस्तर 197.83 मीटर तक पहुंच गया। वहीं बिजनौर बैराज से लगातार पानी का डिस्चार्ज जारी है।
जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव होने के चलते खादर क्षेत्र के गांव लठीरा, नयाबांस, कुदैनी की मढैय़ा, आरकपुर, नयागांव इनायतपुर समेत अन्य कई गांवों के किसानों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पानी उतरने और चढऩे के दौरान होने वाला कटान परेशानी का सबब बना हुआ है। वहीं जलस्तर बढऩे से गांव के लोगों मेें एक बार फिर राहत शिविरों में शरण लेने की आशंका सताने लगी है।
एसडीएम साक्षी शर्मा का कहना है कि अभी जलस्तर येलो अलर्ट से भी काफी नीचे है। फिलहाल बाढ़ की संभावना कम है। लेकिन बाढ़ चौकियों की मदद से जलस्तर की निगरानी कराई जा रही है। आवश्यकता पडऩे पर ग्रामीणों की मदद के लिए सभी संभव प्रयास किए जाएंगे।