हापुड़। हरिद्वार की तर्ज पर गंगानगरी का विकास करने के लिए हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण ने प्रस्ताव तैयार किया है। ब्रजघाट में गंगा घाट बनाकर लोहे के खंभे लगाकर जंजीरे लगाई जाएंगी, ताकि श्रद्धालु आसानी से स्नान कर सकें। वहीं दाह संस्कार स्थल पक्का कराया जाएगा इसके अलावा प्राधिकरण द्वारा गंगा के पुल के नीचे रैंप बनाने की योजना का भी क्रियान्वयन जल्दी होगा।
गंगा में स्नान के दौरान वर्तमान में बैरिकेडिंग करने के लिए बांस या बल्ली आदि गाड़ी जाती हैं। गंगा में जलस्तर बढ़ने के कारण अक्सर ये बल्लियां क्षतिग्रस्त हो जाती हैं और लोग इनके पार नहाने चले जाते हैं, जिससे हादसा हो जाता है। हादसे रोकने और गंगा के घाटों को आकर्षक बनाने के लिए जिला प्रशासन हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण से मिलकर योजना बना रहा है। यह व्यवस्था वीआईपी घाट से लेेकर सभी घाट पर होगी। इसके अलावा दाह संस्कार वाले स्थान पर भी पक्का घाट बनाया जाएगा। यहां दाह संस्कार के लिए शेड आदि बनाने की भी योजना है। जिससे लोगों को बारिश या जलस्तर आदि बढ़ने की स्थिति में परेशानी न झेलनी पड़े।
अस्थि विसर्जन के लिए रैंप बनाने की तैयारी
अस्थि विसर्जन के लिए गंगा पुल के नीचे रैंप बनाया जाएगा। पुल के नीचे धारा से ऊपर समानांतर रैंप बनाए जाने के लिए प्राधिकरण के अधिकारियों की एक टीम निरीक्षण भी कर चुकी है। ऐतिहासिक स्थल और गंगा क्षेत्र के आगामी विकास व जरूरतों को देखते हुए प्राधिकरण ने यह निर्णय लिया है। दरअसल, वर्तमान में गंगा में अस्थि-विसर्जन के लिए अधिकतर श्रद्धालु गंगा किनारे या नाव में बैठकर बीच धारा में अस्थि प्रवाह करते हैं। इस प्रक्रिया से जहां श्रद्धालुओं को खतरा रहता है। वहीं गंगा में गंदगी भी फैलती है। इस स्थिति को देखते हुए ब्रजघाट में सक्रिय कुछ समितियों ने पूर्व में प्राधिकरण से रैंप बनवाने की मांग की थी।
घाटों के सुंदरीकरण के लिए बन रही कार्ययोजना
गंगा के घाटों को हरिद्वार की तर्ज पर विकसित करने की लगातार मांग उठती रही है। घाट सुंदर हों और यहां होने वाले हादसों में कमी आए, इसी उद्देश्य से गंगाघाट पर जंजीर लगवाई जा रही है। प्राधिकरण के साथ मिलकर अन्य विकास कार्यों के भी प्रस्ताव बन रहे हैं। -अंकित वर्मा, एसडीएम गढ़।