हापुड़। बरसात के कारण गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य भी बाधित हुआ है। 20 जून से काम बंद होने के बाद पिछले कुछ दिनों में न के बराबर कार्य हुआ है। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि अभी तक हापुड़ समेत मेरठ से बदायुं तक कुल 48 फीसदी कार्य को पूरा कर लिया गया है। बरसात के बाद कार्य तेजी से रफ्तार पकड़ेगा।
गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण जिले में प्रगति पर है। मेरठ के बिजौली से प्रयागराज तक इसका निर्माण किया जा रहा है। 2025 के कुंभ मेले से पहले इसका काम पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों द्वारा लगातार इस संबंध में दिशा निर्देश भी दिए जा रहे हैं। लेकिन फिलहाल बरसात निर्माण कार्य में बाधा बन गई है। जिले में गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण में हजारों लोग लगे हुए थे। गंगा पुल, किठौर रोड फ्लाईओवर, बिजौली टोल, इंटरचेंज पर कार्य तेजी से चल रहा था। लेकिन बरसात के कारण कार्य बाधित हो गया है। आईआरबी इंफ्रा के सीजीएम अनूप कुमार सिंह ने बताया कि 20 जून से बारिश के कारण एक्सप्रेसवे का काम बाधित हुआ है। अब बारिश के बंद होने का इंतजार है। बरसात में कार्य करने के दौरान जहां गुणवत्ता पर फर्क पड़ सकता है, वहीं इसमें कर्मचारियों के लिए भी खतरा हो सकता है। फिलहाल जिन स्थानों पर मिट्टी आदि बह गई है उन्हें दुरुस्त करने का कार्य जरूर किया जा रहा है।
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समय से कार्य होगा पूरा
अधिकारियों का दावा है कि बारिश से कार्य भले ही रुक गया हो, लेकिन मेरठ से बदायुं तक के हिस्से का 48 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है। सरकार की मंशा के अनुरूप प्रयागराज में 2025 में होने वाले महाकुंभ से इसका निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। कार्य पूरा होने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं आएगी।
16 लेन के टोल, इंटरचेंज के निर्माण पर है जोर-
मेरठ जिले के बिजौली से पांच किलोमीटर हापुड़ की ओर खरखौदा के पास टोल प्लाजा बनाए जाने की तैयारी है। यह टोल प्लाजा 16 लेन का होगा। दोनों ओर आठ-आठ लेन होंगी और इसे आधुनिक बनाया जाएगा। इसके अलावा यहां एक इंटरचेंज भी तैयार किया जा रहा है। यह इंटरचेंज एक्सप्रेसवे और एनएच 334 को आपस मेें जोड़ेगा और इस पर उतार चढ़ाव दिया जाएगा। यह हापुड़ जिले का सबसे बड़ा गोलचक्कर होगा। इन दोनों स्थानों का निर्माण एक्सप्रेसवे के लिए महत्वपूर्ण होगा। ऐसे में बरसात कम होने पर इन स्थानों पर भी कार्य तेज कर दिया जाएगा।