संवाद न्यूज एजेंसी
पिलखुवा। शहर में जलभराव की समस्या लोगों के लिए मुसीबत का सबब बनी है। हल्की सी बूंदाबांदी में ही नाले-नालियों में उफान आ जाता है और गंदा पानी सड़कों, दुकानों और मकानों में भर जाता है। वाहनों के पहिए भी रुक जाते हैं। दुकानदारों को आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ता है। लोगों में नगर पालिका के अधिकारियों और शहर की नई सरकार के प्रति आक्रोश पनप रहा है, जो किसी भी दिन ज्वालामुखी बनकर फट सकता है।
नगर पालिका परिषद की नई सरकार के गठन को दो माह से अधिक का समय हो गया है। लेकिन अभी तक पेयजल आपूर्ति, प्रकाश पथ और नियमित नाले-नालियों की साफ-सफाई की व्यवस्था दुरूस्त नहीं हो सकी है। नियमित सफाई नहीं होने के कारण हल्की सी बारिश में ही शहर तालाब में तब्दील हो जाता है। यहीं कारण है कि रविवार सुबह हुई बारिश में एनएच-९ से लेकर गांधी बाजार, जवाहर बाजार, मंडी तिराहा, रेलवे रोड, सद्दीकपुरा, रमपुरा, डबरिया, किशनगंज, रजनी बिहार, सर्वोदय नगर, शिवाजी नगर समेत अन्य मोहल्ला एवं कॉलोनी में जलभराव हो गया। दुकान और घरों में बारिश का गंदा पानी भर गया। शहर के प्रसिद्ध लोहा कारोबारी प्रदीप का कहना है कि पिछले कई दिन से लगातार रूक-रूक कर बारिश हो रही है, इसके बावजूद भी पालिका द्वारा हाईवें के दोनों ओर बने नालों की सफाई नहीं कराई गई, जिसके कारण लोगों को जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि रविवार को हाईवे पर पानी भरने के उपरांत पालिका के एक अधिकारी से फोन कर सीवर लाइन का ढक्कन खुलवाने के लिए, जिससे एनएच-९ पर भरा बारिश का पानी जल्दी निकल जाए और हाईवे पर खड़े वाहनों के पहिए चल सके। लेकिन उक्त अधिकारी ने सीवर का ढककर खोलने से इंकार कर दिया, जिसके कारण करीब एक घंटे उपरांत हाईवे से पानी निकला।
नगर पालिका परिषद के सफाई निरीक्षक दीपक शर्मा का कहना है कि सफाई कर्मियों को नियमित साफ-सफाई के निर्देश दिए हुए है, और रोजाना नालियों की सफाई होती है। एक साथ तेज बारिश होने के कारण कुछ देर के लिए जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।