हापुड़। ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का रेलवे ट्रैक ट्रायल के लिए तैयार है। शुक्रवार को खुर्जा से खतौली तक अधिकारियों की देखरेख में इसका ट्रायल होगा। बृहस्पतिवार को अधिकारियों ने ट्रैक का निरीक्षण कर कमियों को दूर किया। इस दौरान इन हाउस ट्रायल के दौरान धीमी गति से डीजल इंजन दौड़ाया गया। शुक्रवार को ट्रायल खुर्जा से सुबह साढ़े दस बजे शुरू होगा। इस दौरान इंजन करीब सौ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रैक पर दौड़ेगा।
खुर्जा से खतौली के बीच कॉरिडोर का करीब 125 किलोमीटर रेलवे ट्रैक बनकर पूरी तरह तैयार है। शुक्रवार को इस ट्रैक पर ट्रायल कराने के लिए पूरे दिन अधिकारी जुटे रहे। ट्रायल में किसी प्रकार की कमी न रह जाए इसके लिए बृहस्पतिवार को इन हाउस ट्रायल किया गया है। इस दौरान डीजल इंजन को ट्रैक पर धीमी गति से दौड़ाया गया। स्थानीय अधिकारियों की टीम ट्रैक, विद्युत लाइन और सिग्नल कनेक्टिविटी की छोटी मोटी कमियों को खोजकर उन्हें पूरा करते नजर आए।
सुबह 10.30 बजे शुरू होगा ट्रायल
ट्रायल खुर्जा स्टेशन से सुबह साढ़े दस बजे शुरू होगा। इस दौरान डीएफसीसी के प्रबंध निदेशक केके जैन, परियोजना निदेशक पंकज सक्सेना, मेरठ से मुख्य महाप्रबंधक अनिल कुमार कालरा समेत आला अधिकारी मौजूद रहेंगे। सबसे पहले लोको डीजल इंजन को यहां से छोड़ा जाएगा। इसके करीब 45 मिनट बाद एक इलेक्ट्रिक लोको इंजन और उसमें आठ सौ मीटर लंबी खाली डिब्बों की ट्रेन छोड़ी जाएगी। इस ट्रेन में डिब्बों की संख्या 30 से अधिक रहेगी। रेलवे ट्रैक पर यह ट्रेन 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के बीच दौड़ेगी। अधिकारियों की टीम खुर्जा से इसे रवाना करने के बाद सड़क मार्ग से खतौली पहुंचेगी। हालांकि कमियों को पकड़ने के लिए विशेषज्ञों की टीम ट्रेन पर मौजूद रहेगी। ट्रैक पर भी निर्माण कार्य में जुटे अधिकारियों की टीम मौजूद रहेगी।
इस तरह परखी जाएगी व्यवस्था
ट्रायल करने का मुख्य उद्देश्य ट्रैक की गुणवत्ता, मिट्टी भराव, सिग्नल क्वालिटी को परखना है। ट्रेन के ट्रैक से गुजरने के दौरान अलग-अलग अधिकारियों की टीम इन सभी बिंदुओं की जांच करेगी। ट्रायल की फिलहाल शुरूआत हुई है, अगले कई माह तक अलग अलग तरीकों से ट्रायल होंगे। मई माह से डबल डेकर ट्रेन के ट्रायल होंगे, इस दौरान ट्रेन की लंबाई भी डेढ़ किलोमीटर रहेगी।
ग्रामीणों को किया गया जागरूक, स्कूल में हुए कार्यक्रम
एलएंडटी कंपनी के प्रबंधक गुरविंदर सिंह ने बताया कि ट्रायल से ट्रैक के आसपास के गांवों के ग्रामीणों को जागरूक करने का सिलसिला जारी है। जिले की सीमा के गांव हृदयपुर से ट्रैक जिले में प्रवेश कर रहा है। बृहस्पतिवार को इस गांव के लोगों को ट्रायल के संबंध में बताया गया। यहां स्कूलों में भी बच्चों को ट्रैक के आसपास न जाने के लिए जागरूक किया गया।