पिलखुवा। मोहल्ला लखपत की मंढैंया निवासी मेनपाल सिंह ने थाने पर तहरीर देते हुए बताया कि आर्थिक तंगी के कारण उसने कुछ समय पूर्व निजी कंपनियों में ऋण के लिए आवेदन किया था। एक सप्ताह पूर्व शातिरों ने अपने आप को कंपनी कर्मचारी बताकर वीडियो के जरिए केवाईसी कराई और 32 लाख का ऋण स्वीकृत होने की बात कही। जिसमें उसे 10 लाख रुपये की सब्सिडी बताई गई थी। इसके लिए उसने आरोपियों को तीन लाख नकद और 22 हजार रुपये ऑनलाइन दिए थे। अभी तक न तो ऋण मिला है और न ही आरोपियों से संपर्क हो रहा है। सीओ अनीता चौहान ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है, मामला साइबर अपराध से जुड़ा है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।