हापुड़। हल्की सी बारिश से शहर में होने वाले जलभराव से अब मुक्ति मिल सकेगी। नगर पालिका ने शहर के चार प्रमुख नालों के चौड़ीकरण और निर्माण की योजना बनाई है। इसके तहत रामपुर रोड, ईदगाह रोड, मोती कालोनी व तिरुपति गार्डन नाले का 63 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए डीपीआर तैयार कर शासन को भेज दी गई है। जिसे जल्द ही स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। इसके बाद कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
शहर के नालों की जर्जर हालत और समय से सफाई न होने के कारण शहरवासियों को परेशानी झेलनी पड़ती है। हल्की बरसात में पानी का बहाव अधिक होने के कारण नाले उफना जाते हैं और जलभराव की स्थिति हो जाती है। मूसलाधार बारिश में तो स्थिति ओर भी भयानक हो जाती है।
शहर के अधिकतर हिस्से का पानी ईदगाह रोड, रामपुर रोड, मोती कॉलोनी, तिरुपति गार्डन के पीछे स्थित चारों नालों से होकर बहता है। लेकिन आबादी के हिसाब से इनकी चौड़ाई कम है और पानी का बहाव अधिक होने से जलनिकासी बाधित हो जाती है।
शहरवासियों को जलभराव से निजात दिलाने के लिए नगर पालिका ने चारों नालों का चौड़ीकरण कराने का निर्णय लिया है। जिसकी डीपीआर भी तैयार कर शासन को भेजी जा चुकी है। लागत अधिक होने के कारण निर्माण की जिम्मेदारी जल निगम की कार्यदायी संस्था सीएडंडीएस को सौंपी जाएगी।
लागत की गई निर्धारित-
तिरुपति गार्डन के पीछे करीब छह किलोमीटर लंबे नाले का चौड़ीकरण और निर्माण में करीब 30 करोड़ की लागत आएगी। सिकंदरगेट से मोती कॉलोनी जाने वाले पांच किलोमीटर लंबे नाले पर 27 करोड़ रुपये खर्च होंगे। ईदगाह रोड पर दोनों तरफ और रामपुर रोड पर करीब 1.5-1.5 किलोमीटर लंबे नाले के निर्माण में छह करोड़ रुपये की लागत लगेगी। इस प्रकार से इनकी डीपीआर तैयार की गई है।
इन मोहल्लों के लोगों को मिलेगी राहत-
नालों के निर्माण से बैंक कालोनी, चमरी रोड, आदर्शनगर, लज्जापुरी, फूलगढ़ी, गढ़ गेट किला कोना, अतरपुरा, प्रेमपुरा, रफीकनगर, करीमपुरा, तगासराय, चैनापुरी, भंडा पट्टी, गोपीपुरा, निवाजीपुरा, मोती कालोनी, कोठीगेट, आवास विकास कालोनी बुलंदशहर, त्रिलोकीपुरम, रामपुर रोड, ईदगाह रोड, अर्जुन नगर, रघुवीर गंज, आर्यनगर, जवाहर गंज, फ्रीगंज रोड, शिवगढ़ी, सिकंदरगेट, गोल मार्केट, जगदीशपुरम, ब्रह्मनान, कानूनगोयान को राहत मिलेगी।
कोट -
एसडीएम/अधिशासी अधिकारी मनोज कुमार सिंह का कहना है कि कार्य योजना बनाकर शासन को भेजी जा चुकी है। स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी कराकर निर्माण कार्य शुरू कराए जाएंगे।