हापुड़। लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए 26 अप्रैल को मतदान होगा। इसके लिए कम से कम 800 वाहनों की आवश्यकता को देखते हुए वाहनों का अधिग्रहण किया जा रहा है। मंगलवार को दूसरे दिन 95 भारी और 80 हल्के निजी वाहनों का अधिग्रहण परिवहन विभाग ने कर लिया है। जो स्वामी वाहन नहीं देंगे उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी है। वहीं, वाहन न देने पर 100 वाहन स्वामियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
परिवहन विभाग को 300 भारी और 500 हल्के वाहनों की आवश्यकता है। इसके लिए विभाग ने लगभग दो हजार वाहन स्वामियों को नोटिस जारी किए थे। विभाग के अधिकारियों को उम्मीद थी कि इनमें से ही 800 वाहनों का इंतजाम हो जाएगा, लेकिन दो दिनों तक चली प्रक्रिया के दौरान मात्र 95 भारी और 80 हल्के निजी वाहन भी पुलिस लाइन में पहुंच सके हैं। भारी वाहनों में बस, ट्रक, मिनी ट्रक आदि शामिल हैं। इन वाहनों का प्रयोग पोलिंग पार्टियों को मतदान केंद्र तक लाने व वापस ले जाने, पुलिस बल के मूवमेंट आदि को लेकर रहेगा। साथ ही सेक्टर व स्टेटिक मजिस्ट्रेटों के लिए हल्के वाहनों का अधिग्रहण किया जा रहा है। सरकारी वाहनों की कमी के कारण ही इन वाहनों का अधिग्रहण किया जा रहा है। एआरटीओ प्रवर्तन रमेश कुमार चौबे ने बताया कि चुनाव के लिए वाहन न देने वाले 100 लोगों की सूची तैयार की गई है। इन सभी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी है। इसके अलावा अन्य वाहन स्वामियों की सूची भी बनाई जा रही है। विभाग के कर्मचारी लगातार वाहन स्वामियों को फोन कर रहे हैं। इसके बाद भी वाहन न देने पर यह कार्रवाई की जा रही है।