गढ़मुक्तेश्वर।
किसान संगठनों को धरना प्रदर्शन और अधिकारियों को दिए जाने वाले ज्ञापन का कोई लाभ नहीं मिल रहा है। त्योहारी सीजन शुरू हो चुका है, लेकिन शासन प्रशासन से लेकर मिल प्रबंधन तक किसानों की मजबूरी नहीं समझ रहा है। सिंभावली चीनी पर किसानों का 202 करोड़ रुपये बकाया है।
गढ़ क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक किसान संगठन हैं। कोई न कोई संगठन डीएम, एडीएम, एसडीएम, तहसीलदार और गन्ना अधिकारी को हर दूसरे दिन ज्ञापन देकर किसानों के गन्ना भुगतान की मांग करता रहता है। कई संगठन ऐसे भी हैं, जो चीनी मिल पर धरना प्रदर्शन करते हैं लेकिन, मिल प्रबंधन और प्रशासनिक अधिकारी ऐसे हैं, जो किसानों के ज्ञापन और प्रदर्शनों को नजर अंदाज करते हैं। यही कारण हैं जो किसानों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है और किसानों को चीनी मिल पर फंसा 202 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं हो पा रहा है।
कई सालों से इसी हालात में चीनी मिल
पिछले कई सालों से किसानों को अपना गन्ना भुगतान के लिए कई बार धरना प्रदर्शन और अधिकारियों का घेराव करना पड़ता है। लेकिन चीनी मिल अपनी गलतियों में सुधार करने की बजाए किसानों को भुगतान रोककर बैठ जाती है। जिससे अन्नदाता को अपने पैसे के लिए ही परेशान होना पड़ता है। किसानों का कहना है कि त्योहारी सीजन शुरु होने जा रहे हैं, बच्चों की स्कूल कॉलेज की फीस तक जमा नहीं हो पा रही है।
चीनी मिल के जीएम करन सिंह ने कहा कि किसानों का भुगतान किया जा रहा है, जो बकाया चल रहा है, इसके लिए भी चीनी मिल जल्द प्रयास कर भुगतान कराएगी।