हापुड़। आनंद विहार योजना के लिए दुकानों, भवनों व कृषि भूमि के अधिग्रहण के विरोध में किसानों व भवन बचाओ संघर्ष समिति का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। प्राधिकरण कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे किसानों ने राहत न मिलने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।
भाकियू नेता संजय चौधरी ने कहा कि प्राधिकरण की स्थापना से पहले दिल्ली रोड पर दुकानें व भवन बने हुए हैं। प्राधिकरण ने बिना किसी की सहमति के इनका अधिग्रहण कर लिया। वहीं, जो कृषि भूमि अधिग्रहीत की गई है, वह भविष्य की योजनाओं के लिए की थी।
नूतन प्रकाश त्यागी ने कहा कि प्राधिकरण के तत्कालीन वीसी ने प्रतिष्ठानों को विनियमित करने की इच्छा जाहिर की थी और यह भी कहा था कि मकानों व दुकानों को विनियमित करने से आवासीय योजना पर कोई प्रभाव नहीं होगा। लेकिन उनके इस प्रस्ताव पर प्राधिकरण के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। अधिकारी उनकी जमीन छोड़ने की एवज में 19 हजार वर्ग मीटर की दर से पैसे जमा करने के लिए कह रहे हैं, जबकि उसी भूमि का 261 रुपये वर्ग मीटर की दर से मुआवजा तय किया गया है। जनप्रतिनिधि भी उनकी मदद नहीं कर रहे हैं। न्याय के लिए आज किसान व दुकानदार दर-दर की ठोकर खा-खा रहा है। मुख्यमंत्री को भी इस समस्या से अवगत कराया गया था, उन्होंने भी समस्या के निस्तारण के आदेश दिए थे, लेकिन निचले स्तर के अधिकारियों ने समस्या का निस्तारण नहीं किया। जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।
इस मौके पर सुबोध त्यागी, अमित त्यागी, संजय त्यागी, पप्पू त्यागी, हरि प्रकाश, जोनी त्यागी, देवराज अहूजा, ओमप्रकाश, राजू त्यागी, हेमराज त्यागी, विक्की, अशोक कुमार, गौरव, हर्ष वर्धन मौजूद रहे।