हापुड़। सलारपुर गांव में किसानों की जमीन पूरी किए बगैर ही चकबंदी विभाग ने धारा 52 पूरी कर दी। ऐसे में सेक्टर और चकबंदी मार्ग भी नहीं खोले जा सके हैं। इसके विरोध में भाकियू संघर्ष समिति के आह्वान पर कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय का घेराव कर, प्रदर्शन और नारेबाजी की।
संगठन के जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रधान ने कहा कि चकबंदी पूरी होने पर धारा-52 घोषित किए जाने से पहले ग्राम प्रधान की सहमति जरूरी होती है। लेकिन बिना सहमति पूरे किए ही चकबंदी पूरी कर दी गई। ऐसे में किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बहुत से किसानों का खेतों तक पहुंच पाना भी मुश्किल हो गया है, क्योंकि महत्वपूर्ण मार्ग ही बंद पड़े हैं। इसके अलावा गांव अच्छेजा में आवारा पशु और बंदरों के आतंक से ग्रामीणों का बुरा हाल है। खेतों में फसलें नष्ट हो रही हैं। गांव के पास में बनी फैक्टरी का दूषित पानी लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। फैक्टरी का पानी नीचे जमीन में छोड़ दिया जाता है, जिस कारण गांव में कैंसर, हेपेटाइटिस जैसी बीमारियों का प्रकोप है। इन समस्याओं के निस्तारण को लेकर कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर जोरदार धरना प्रदर्शन किया। एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर, इन मांगों का निस्तारण जल्द कराने की आवाज उठाई। चकबंदी संबंधी समस्या का निस्तारण नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है। इस मौके पर सुनील त्यागी, मंगू त्यागी, सुधीर त्यागी, नरेश अग्रवाल, अक्षय त्यागी, रजनीश त्यागी, रविदत्त, मनोज त्यागी, मुनेश त्यागी, सुमित कुमार, बाबू खां, आदेश त्यागी, मंगल गुर्जर आदि मौजूद रहे।