हापुड़। नगर पालिका के कर्मचारियों ने मिलकर पहले तो एक व्यक्ति को फर्जी हाउस टैक्स की रसीद देकर किराएदार से मकान मालिक बना दिया। इसके बाद डूडा के कर्मचारियों ने खेल करते हुए पिता और पुत्र दोनों को पीएम आवास योजना का लाभ दे दिया। मामले में सीडीओ से शिकायत के बाद तीन सदस्य कमेटी ने जांच की। इसमें यह पूरा फर्जीवाड़ा सामने आया है। नगर के वार्ड नंबर 9 निवासी जफर आलम ने बताया कि इसी वार्ड में उनका पुराना मकान है। इस मकान में कई साल से चरण सिंह किराए पर रहते थे। वर्तमान में बीमार होने के कारण वह शहर से बाहर गए हुए थे। कुछ लोगों ने उन्हें बताया कि उनके बाहर रहने के दौरान चरण सिंह ने मकान को तोड़ डाला था। उस मकान पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अब मकान बना लिया गया है। इसके लिए डूडा से पांच लाख रुपये भी मिले थे। मामले में नगर पालिका में शिकायत करने पर सामने आया कि उन्होंने अपने मकान को बेच दिया है, जबकि पीड़ित ने अभी तक किसी को मकान नहीं बेचा है। पालिका ने पीड़ित को जानकारी दी कि उसके मकान की हाउस टैक्स की रसीद कटी हुई है, इसमें नाम परिवर्तन है। पीड़ित ने जब मामले की ज्यादा जानकारी की तो सामने आया कि रसीद के आधार पर एक ही व्यक्ति और उसके पुत्र को अलग-अलग हाउस टैक्स की रसीद के आधार पर आवास स्वीकृत कर दिए गए हैं। वहीं, पालिका के जिस कर्मचारी ने हाउस टैक्स की रसीद काटी थी, उनकी अब मृत्यु हो चुकी है। डूडा के शहरी निबंधक मनजीत सिंह ने बताया कि सीडीओ के आदेश पर मामले की जांच हुई थी। इसमें नियम विरुद्ध की गई कार्रवाई सामने आई है। फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ जल्द ही रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।