हापुड़ । जिलेवासियों को दूषित हवा के प्रकोप से बचाने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने कड़ा कदम उठाया है। अब फैक्टरी संचालन के लिए दोहरी इंजन किट और आरईसीडी (रेट्रोफिट एमिशन कंट्रोल डिवाइस) को अनिवार्य कर दिया है। करीब तीन सौ फैक्टरियों के संचालकों को अब यह डिवाइस और किट लगानी होगी।
दिल्ली-एनसीआर का क्षेत्र हर साल दीपावली के आसपास वायु प्रदूषण का बड़ा केंद्र बनता है। इसकी बड़ी वजह फैक्टरियों से निकलने वाला जहरीला धुआं भी होता है। इस धुएं के प्रकोप के कारण लोग सांस सहित कई बीमारियों से ग्रसित होते हैं। इस जहरीली हवा से लोगों को बचाने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एडवाइजरी जारी की है। इसके तहत यह डिवाइस और किट फैक्टरी के बॉयलर व जनरेटर पर लगानी होगी। उसके बाद ही जनरेटर का संचालन किया जा सकता है।
प्राकृतिक गैस से भी चला सकेंगे जनरेटर
दोहरी इंजन किट डीजल इंजन को प्राकृतिक गैस से चलाने में मदद करती है। यह किट इंजन को आसानी से अपग्रेड करती है और इसके कई फायदे भी होते हैं। इस किट से इंजन को डीजल और प्राकृतिक गैस से चलाया जा सकता है। इस किट की कीमत नए इंजन के खरीदने से कम है। इसे लगाने से मौजूदा इंजन में न्यूनतम बदलाव की जरूरत पड़ती है। जबकि, रेट्रोफिट एमिशन कंट्रोल डिवाइस एक ऐसा उपकरण है, जिसकी मदद से हवा की गुणवत्ता को बेहतर किया जा सकता है। यह वायु प्रदूषण से कण पदार्थ कार्बन को पकड़ने में बहुत प्रभावी है। आरईसीडी को फिल्टर लेस तकनीक पर बनाया गया है और यह इलेक्ट्रोस्टैटिक वर्षा के सिद्धांतों पर काम करता है। इसे डीजल इंजन और जनरेटर सेट के लिए बनाया गया है।
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यह कहते हैं अधिकारी
फैक्टरी पर जनरेटर के संचालन के लिए किट और डिवाइस को अनिवार्य कर दिया गया है। इसके बिना जनरेटर का संचालन नहीं कर सकते हैं।
- विपुल कुमार, सहायक अभियंता, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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